वार्षिक खत में बफे ने लिखा कि बर्कशायर हैथवे उनकी और चार्ली मुंगेर की विदाई के लिए 100 फीसदी तैयार है। संभावना है कि उनके बाद भारत में जन्मे अजीत जैन कंपनी की कमान संभालेंगे। बता दें कि साल 2018 में बर्कशायर में अजीत जैन और ग्रेग अबेल को बोर्ड में शामिल किया गया था। बफे ने इन दोनों नियुक्तियों पर कहा था कि यह नए नेतृत्व की दिशा में उठाए गए कदम हैं। यह पहली बार नहीं है जब वॉरेन बफे ने शेयरधारकों के लिए वार्षिक खत जारी किया है। बफे पिछले 40 सालों से निवेशकों को वार्षिक खत लिख रहे हैं।
दो मई को होगी वार्षिक जनरल मीटिंग
बफे के खत का दुनियाभर के निवेशकों को इंतजार रहता है। ऐसा इसलिए क्योंकि इसमें बफे और उनकी टीम की सोच जाहिर की जाती है। खत के जरिए वे निवेश को लेकर अपनी स्ट्रैटेजी के बारे में कई बातें बताते हैं। बता दें कि दो मई 2020 को बर्कशायर हैथवे की वार्षिक जनरल मीटिंग होनी है। इस मीटिंग में उत्तराधिकारियों का एलान किया जाएगा।
विदाई के लिए कंपनी पूरी तरह से तैयार
बफे ने वार्षिक खत में लिखा कि, वे और चार्ली लंबे समय पहले बर्कशायर से जुड़े थे। इसलिए उनका जाना शेयरधारकों के लिए शायद अच्छी खबर ना हो। लेकिन उन्हें घबराने की जरूरत नहीं है। कंपनी उनकी विदाई के लिए पूरी तरह से तैयार है।
पिछली वार्षिक बैठक में मिले थे संकेत
पिछले साल मई में हुई वार्षिक बैठक के दौरान संकेत मिले थे कि अजीत जैन और ग्रेग अबेल को कंपनी की बागडोर सौंपी जा सकती है। ब्लूमबर्ग के अनुसार, कई निवेशकों का जोर अबेल पर है, जो बर्कशायर के तमाम गैर बीमा कारोबार से जुड़े फैसले लेते हैं।
कौन हैं अजीत जैन?
अजीत बर्कशायर हैथवे के इंश्योरेंस बिजनस से जुड़े हैं। उनका जन्म ओडिशा में हुआ था। उन्होंने आईआईटी खड़गपुर से बीटेक की पढ़ाई की हैष आईबीएम में उन्होंने काम किया था। इसके बाद उन्होंने अमेरिका से एमबीए की पढ़ाई की। इसके बाद उन्होंने बहुत जल्द इंश्योरेंस का बिजनस सीखा और उसमें महारत हासिल कर ली।
6.20 लाख करोड़ रुपये है बफे की नेटवर्थ
फोर्ब्स के अनुसार, वॉरेन बफे की नेटवर्थ 6.20 लाख करोड़ रुपये है और वे दुनिया के चौथे सबसे अमीर शख्स हैं। वॉरेन बफे अपने अनुभवों से निवेश समुदाय को सलाह देते रहे हैं।
2.35 लाख करोड़ के शेयर दान
बफे 2006 से लेकर के अभी तक 2.35 लाख करोड़ रुपये के शेयर दान कर चुके हैं। इस हिसाब से वो अपनी कुल हिस्सेदारी का 45 फीसदी हिस्सा परोपकारी कार्यों के लिए दान में दे चुके हैं।