मंगलूरू यूनिवर्सिटी से की थी पढ़ाई
वीजी सिद्धार्थ का जन्म कर्नाटक के चिकमंगलूरू में हुआ। उनका परिवार लंबे समय से कॉफी उत्पादन से जुड़ा हुआ था। सिद्धार्थ ने मंगलूरू यूनिवर्सिटी से इकोनॉमिक्स में मास्टर की डिग्री ली थी। सिद्धार्थ अपने दम पर कुछ करना चाहते थे इसलिए उन्होंने विरासत में मिली खेती से आराम से जिंदगी न गुजार कर अपने सपने पूरा करने की ठानी।
पांच लाख रुपये के साथ आए थे मुंबई
21 साल की उम्र में उन्होंने अपने पिता से कहा था कि वह मुंबई जाना चाहते हैं। उनके पिता ने उन्हें पांच लाख रुपये दिए और कहा कि यदि वह असफल हो जाएं तो वापस आकर परिवार का कारोबार संभाल सकते हैं। पांच लाख रुपये में से सिद्धार्थ ने तीन लाख रुपये की जमीन खरीदी और दो लाख रुपये उन्होंने बैंक में जमा कर दिए। इसके बाद मुंबई आकर उन्होंने जेएम फाइनेंशल सर्विसेज (अब जेएम मॉर्गन स्टैनली) में मैनेजमेंट ट्रेनी के रूप में काम की शुरुआत की। वहां उन्होंने दो साल तक काम किया।
दो साल की ट्रेनिंग के बाद उन्होंने अपना कारोबार शुरू करने का विचार किया। इसलिए नौकरी छोड़कर वे बंगलूरू वापस आ गए। उनके पास जो दो लाख रुपये बचे थे, उस पैसे से उन्होंने वित्तीय कंपनी खोलने का फैसला किया। इसलिए उन्होंने सिवान सिक्यॉरिटीज के साथ अपने सपने को साकार किया। साल 2000 में यह कंपनी वे टू वेल्थ सिक्यॉरिटीज लिमिटेड (way2wealth securities ltd) बनी। यह कंपनी बेहद सफल रही।
साल 1996 में हुई कैफे कॉफी डे की शुरुआत
करीब 10 साल तक सिद्धार्थ फाइनेंशल सर्विसेज से जुड़े रहे। इसके बाद साल 1996 में सिद्धार्थ ने कैफे कॉफी डे की शुरुआत की। इससे उन्हें बेहद सफलता प्राप्त हुई। केवल भारत ही नहीं, बल्कि कंपनी के आउटलेट कई देशों में खुले। ऑस्ट्रिया, कराची और दुबई में भी कंपनी के आउटलेट हैं।
इन कंपनियों से है मुकाबला
कैफे कॉफी डे का सीधा मुकाबला टाटा ग्रुप की स्टारबक्स से है। स्टारबक्स के अतिरिक्त बरिस्ता और कोस्टा से भी कंपनी का मुकाबला है। कंपनी को चायोस से भी चुनौती मिल रही है।
सीसीडी के विस्तार की रफ्तार घटी
पिछले दो साल में सीसीडी के विस्तार की रफ्तार घटी है और कंपनी का कर्ज भी बढ़ा है। सीएमआईई के डाटा के अनुसार, कंपनी पर मार्च 2019 तक 6547.38 करोड़ रुपये का कर्ज है।
मार्च तिमाही में हुआ था नुकसान
सीसीडी ने मार्च 2019 में खत्म हुई तिमाही में 76.9 करोड़ रुपये की स्टैंडअलोन नेट सेल्स दर्ज की थी। मार्च तिमाही में सीसीडी को 22.28 करोड़ रुपये का नेट लॉस हुआ था। उससे सालभर पहले की इसी तिमाही में यह आंकड़ा 16.52 करोड़ रुपये का था।
माइंडट्री में किया था निवेश
सिद्धार्थ ने माइंडट्री में भी निवेश कर रखा है। माइंडट्री में सिद्धार्थ की करीब 21 फीसदी हिस्सेदारी थी। हालांकि पिछले दिनों उन्होंने अपने शेयर एल एंड टी को बेच दिए थे। इस सौदे से उन्हें करीब 2,858 करोड़ रुपये का फायदा हुआ था। वह करीब एक दशक से इस कंपनी में निवेश कर रहे थे और 18 मार्च 2019 को उन्होंने एल एंड टी से 3,269 करोड़ रुपये का सौदा किया था।
सामने आई थी कोका-कोला की हिस्सेदारी खरीदने की बात
पिछले महीने खबर आई थी कि कोका-कोला कैफे कॉफी डे में हिस्सेदारी खरीद सकती है। इस संदर्भ में दो अधिकारियों ने कहा था कि कोका-कोला कैफे सेगमेंट में अपनी जगह और मजबूत बनाना चाहती है। मामला अटलांटा में कोका-कोला के मुख्यालय से देखा जा रहा है। तक कहा गया था कि कोका-कोला की ग्लोबल टीम के अधिकारी सीसीडी के मैनेजमेंट से बातचीत कर रहे हैं।