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कारोबारियों को जल्द मिलेगी बढ़ी सौगात, सिंगल पेज जीएसटी रिटर्न फॉर्म लागू करने के लिए कवायद शुरू

Wed, 18 Apr 2018 11:12 AM IST
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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केंद्र सरकार जल्द ही देश के प्रत्येक कारोबारी को एक बड़ी सौगात देने जा रही है। सरकार जीएसटी के लिए फाइल होने वाले रिटर्न की संख्या को तीन से घटाकर के एक सिंगल रिटर्न करने जा रही है। इससे उन्हें साल में 36 रिटर्न फॉर्म दाखिल करने की बाध्यता से काफी राहत मिलेगी। 

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इनपुट टैक्स क्रेडिट पर नहीं बनी है सहमति
हालांकि इस सिंगल पेज रिटर्न फॉर्म को जारी करने में फिलहाल एक पेंच फंसा हुआ है। जीएसटी काउंसिल से जुड़े अधिकारियों और इंफोसिस के सीईओ नंदन निलेकणी के बीच इनपुट टैक्स क्रेडिट पर सहमति नहीं बनी है। हालांकि इस पेंच पर बिहार के डिप्टी सीएम सुशील मोदी की अध्यक्षता में बने मंत्रियों का समूह इस मुद्दे पर बातचीत कर रहा है। इंफोसिस ने ही जीएसटी रिटर्न भरने का सॉफ्टवेयर तैयार किया है। 

एक हफ्ते का दिया है समय
मंत्रियों के समूह ने मंगलवार को सभी स्टेकहोल्डर से बात करने के बाद अगले एक हफ्ते में फीडबैक देने के लिए कहा है। इसके बाद फाइनल ड्राफ्ट जीएसटी काउंसिल में भेजा जाएगा। 
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सरल किया 3बी फॉर्म
इससे पहले केंद्र सरकार ने जीएसटी रिर्टन के फॉर्म 3बी अब काफी सरल कर दिया था। जीएसटी नेटवर्क ने फॉर्म 3बी में कई महत्वपूर्ण बदलाव किए हैं, जिसके बाद कारोबारियों को रिटर्न भरने में बहुत आसानी हो जाएगी। 

टैक्स का पेमेंट होगा आसान
पहले कारोबारियों को अपनी टैक्स की देनदारी का पता करने के लिए रिटर्न को सबमिट करना पड़ता था, जिसके बाद किसी तरह का बदलाव नहीं किया जा सकता था। लेकि अब टैक्स देनदारी का पता रिटर्न सबमिट करने से पहले ही पता चल जाएगा। 

चालान का होगा ऑटो जेनरेशन
अब नए फॉर्म में टैक्स पेमेंट करने का चालान ऑटो जेनरेट होगा। यह इनपुट टैक्स क्रेडिट के अलावा होगा। इसके अलावा टैक्सपेयर के पास क्रेडिट राशि को एडिट करने का ऑप्शन भी होगा। 

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जीएसटी रिटर्न फाइल करने के लिए नया मॉडल तय 

सुशील मोदी
बिहार के उपमुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी की अगुवाई वाले एक मंत्री समूह ने मंगलवार को वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) का रिटर्न दाखिल करने के लिए एक नए आसान मॉडल को मंजूरी। इस नए मॉडल के आधार पर आपूर्तिकर्ता द्वारा बिक्री के इनवॉइस अपलोड करने के बाद तात्कालिक आधार पर क्रेडिट दिया जाएगा। 

मंत्री समूह ने मंगलवार को रिटर्न फाइलिंग प्रक्रिया को आसान बनाने को लेकर लगभग 40 उद्योग प्रतिनिधियों तथा 15 कर विशेषज्ञों के साथ बैठक की। मंत्री समूह की बैठक के बाद संवाददाताओं को सुशील मोदी ने बताया कि हितधारकों के सुझाव पर रिटर्न फाइल करने के लिए एक ‘फ्यूजन’ मॉडल को अंतिम रूप दिया गया है, जिसे मंजूरी के लिए जीएसटी काउंसिल के समक्ष रखा जाएगा।

सुशील कुमार मोदी ने कहा कि रिटर्न फाइल करने की प्रक्रिया को सरल बनाने तक जीएसटीआर-3बी फाइल करना जारी रहेगा। केंद्रीय वित्त मंत्री अरुण जेटली तथा राज्यों के वित्त मंत्री की अगुवाई वाले जीएसटी काउंसिल ने पिछले महीने जीएसटी रिटर्न के दो मॉडलों पर चर्चा की थी और सुझाव दिया था कि इसे और अधिक सरल करने को लेकर मंत्री समूह चर्चा करेगा।

काउंसिल के समक्ष पेश एक मॉडल के मुताबिक, तात्कालिक क्रेडिट तब तक नहीं दी जानी चाहिए, जब तक करदाता रिटर्न फाइल करने के साथ करों का भुगतान नहीं कर देता। दूसरे मॉडल के मुताबिक, तात्कालिक क्रेडिट करदाता को दिया जा सकता है, लेकिन उन्हें 3-4 महीनों के भीतर रिटर्न दाखिल करने के साथ ही करों का भुगतान करना होगा, नहीं तो क्रेडिट राशि वापस हो जाएगी। 
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