बिहार के उपमुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी की अगुवाई वाले एक मंत्री समूह ने मंगलवार को वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) का रिटर्न दाखिल करने के लिए एक नए आसान मॉडल को मंजूरी। इस नए मॉडल के आधार पर आपूर्तिकर्ता द्वारा बिक्री के इनवॉइस अपलोड करने के बाद तात्कालिक आधार पर क्रेडिट दिया जाएगा।
मंत्री समूह ने मंगलवार को रिटर्न फाइलिंग प्रक्रिया को आसान बनाने को लेकर लगभग 40 उद्योग प्रतिनिधियों तथा 15 कर विशेषज्ञों के साथ बैठक की। मंत्री समूह की बैठक के बाद संवाददाताओं को सुशील मोदी ने बताया कि हितधारकों के सुझाव पर रिटर्न फाइल करने के लिए एक ‘फ्यूजन’ मॉडल को अंतिम रूप दिया गया है, जिसे मंजूरी के लिए जीएसटी काउंसिल के समक्ष रखा जाएगा।
सुशील कुमार मोदी ने कहा कि रिटर्न फाइल करने की प्रक्रिया को सरल बनाने तक जीएसटीआर-3बी फाइल करना जारी रहेगा। केंद्रीय वित्त मंत्री अरुण जेटली तथा राज्यों के वित्त मंत्री की अगुवाई वाले जीएसटी काउंसिल ने पिछले महीने जीएसटी रिटर्न के दो मॉडलों पर चर्चा की थी और सुझाव दिया था कि इसे और अधिक सरल करने को लेकर मंत्री समूह चर्चा करेगा।
काउंसिल के समक्ष पेश एक मॉडल के मुताबिक, तात्कालिक क्रेडिट तब तक नहीं दी जानी चाहिए, जब तक करदाता रिटर्न फाइल करने के साथ करों का भुगतान नहीं कर देता। दूसरे मॉडल के मुताबिक, तात्कालिक क्रेडिट करदाता को दिया जा सकता है, लेकिन उन्हें 3-4 महीनों के भीतर रिटर्न दाखिल करने के साथ ही करों का भुगतान करना होगा, नहीं तो क्रेडिट राशि वापस हो जाएगी।