विशाल सिक्का के इस्तीफे और नंदन निलेकनी की वापसी से पहले ही देश की सबसे बड़ी आईटी कंपनियों में शुमार इन्फोसिस में इस्तीफों का दौर शुरू हो जाएगा। कंपनी के बोर्ड में शामिल ज्यादातर लोगों ने इस्तीफे की पेशकश कर दी है। केवल पुनिता सिन्हा को छोड़कर के कंपनी के बोर्ड से सभी सदस्यों का जाना तय हो गया है।
निलेकनी चाहते हैं ये 4 बड़े बदलाव
रिपोर्ट के मुताबिक, निलेकनी ने इन्फोसिस में वापसी के लिए कुछ नियम तय किए हैं, जिनका साफ इशारा है कि वो आने से पहले सबकुछ सही हो जाए। निलेकनी एक तय समय के लिए ही कंपनी में आएंगे।
सिक्का के इस्तीफे से कंपनी के निवेशकों, कस्टमर और कर्मचारियों का जो भरोसा टूटा है, उसे वापस लाना निलेकनी की सबसे बड़ी जिम्मेदारी है। इसके अलावा नए सीईओ के लिए सही व्यक्ति को चुनना और उसे ज्यादा ताकत देना भी निलेकनी की जिम्मेदारियों में शामिल है।
निलेकनी चाहते हैं वो नॉन एक्जिक्यूटिव चेयरमैन के पद पर आए। इसके लिए कंपनी के वर्तमान चेयरमैन आर शेषासयी और को चेयरमैन रवि वेंकटेशन को भी अपने पद से इस्तीफा देना होगा।
मूर्ति पर सिक्का के इस्तीफा देने का आरोप लगाने वाले पूरे इन्फोसिस बोर्ड से इस्तीफा मांगा जा रहा है। इसके लिए विदेशी और देशी संस्थागत निवेशक सिक्का के जाने के बाद से मांग कर रहे हैं।