भारत में एपल ने अपनी मैन्युफैक्चरिंग साल 2017 में शुरू की थी और पिछले दो साल में निर्यात शून्य से 0.5 अरब डॉलर हो गया है। द हिंदू की खबर के अनुसार, एक अधिकारी का कहना है कि साल 2019 तक कंपनी का निर्यात एक अरब डॉलर तक पहुंच सकता है। इसके लिए सरकार भी कईं प्रयास कर रही है।
एपल का हेडक्वार्टर अमेरिका में है। भारत में कंपनी आईफोन के दो मॉडल्स - आईफोन 6एस और आईफोन 7 का उत्पादन करती है। पहले कंपनी आईफोन एसई का उत्पादन भी भारत में करती थी। साल 2019 के अंत तक कंपनी भारत में आईफोन 8 और आईफोन एक्सआर का उत्पादन भी शुरू कर सकती है।
प्रौद्योगिकी मंत्री रवि शंकर प्रसाद ने दिया बयान
भारत सरकार भी अगले दो से तीन महीने में इलेक्ट्रॉनिक के साथ-साथ फोन उद्योग के लिये नये प्रोत्साहनों का वादा करते हुए आईफोन बनाने वाली एपल से भारत में विनिर्माण बढ़ाने और देश को अपना बड़ा निर्यात केंद्र बनाने पर जोर दे रही है। सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री रवि शंकर प्रसाद ने कहा कि एपल के विनिर्माण में निवेश बहुत कम है। उन्होंने कहा कि सरकार चाहती है कि एपल और सैमसंग जैसी कंपनियों की यहां मजबूत उपस्थिति हो।
निर्यात को बढ़ावा दे रही सरकार
50 से अधिक इलेक्ट्रॉनिक और फोन कंपनियों के सीईओ के साथ बैठक के बाद मंत्री ने कहा कि, 'सरकार देश में विनिर्माण और निर्यात के लिये मानव संसाधन, निवेशक-अनुकूल नीतियों और प्रोत्साहन उपलब्ध कराएगी।' उन्होंने कहा कि एपल वैश्विक कंपनी है और उसे भारत को एक वैश्विक शक्ति बनाने के लिये घरेलू कंपनियों के साथ मिलकर एक टीम के रूप में काम करना चाहिए।
प्रसाद ने कहा कि सरकार अगले दो से तीन महीनों में एक पूरा खाका पेश करेगी जिसमें प्रोत्साहनों को शामिल किया जाएगा। यह कंपनियों के लिये भारत में विनिर्माण और निर्यात बढ़ाने के लिये उत्प्रेरक के रूप में काम करेगा।