दूरसंचार कंपनी भारती एयरटेल और मुकेश अंबानी की रिलायंस जियो, वार्डे कैपिटल और यूवी एसेट रिकंस्ट्रक्शन कंपनी (यूवीएआरसीएल) ने अनिल अंबानी की रिलायंस कम्युनिकेशंस ( RCom ) की संपत्ति खरीदने के लिए बोली लगाई है।
सोमावार को आरकॉम ने बोली खोलनी थी और शुक्रवार को कर्जदाताओं की समिति (सीओसी) की बैठक होगी। बैठक में बोलियों को अंतिम रूप दिया जाएगा।
बता दें कि आरकॉम के ऊपर करीब 33,000 करोड़ रुपये का कर्ज है। हालांकि अगस्त में कर्जदाताओं ने 49,000 करोड़ रुपये का दावा जमा किया था। कर्ज में डूबी आरकॉम ने अपनी पूरी संपत्ति बिक्री के लिए रखी है।
दिवालिया प्रक्रिया में जाने से पहले कंपनी ने इसका मूल्य 14,000 करोड़ रुपये आकलित किया था, जिसमें 7,000 करोड़ रुपये का टावर कारोबार, 3,000 करोड़ रुपये का ऑप्टिकल फाइबर नेटवर्क और 4,000 करोड़ रुपये डाटा सेंटर का मूल्य आंका गया था।
मौजूदा समय में रिलायंस कम्युनिकेशंस दिवालिया कानून की प्रक्रिया से गुजर रही है। 2008 में अनिल अंबानी के पास 42 अरब डॉलर की संपत्ति थी, जो 11 साल बाद यानी 2019 में घटकर 5230 मिलियन डॉलर यानी करीब 3651 करोड़ रुपये हो गई है। बता दें कि इस संपत्ति में गिरवी वाले शेयर की कीमतें भी शामिल हैं।
प्राइवेट सेक्टर इन दिनों मंदी की जबरदस्त मार झेल रहा है। कई मल्टीनेशनल कंपनियों पर आर्थिक मंदी का असर साफ दिखाई दे रहा है। इसी कड़ी में देश की अग्रणी कंपनियों में शामिल रिलायंस कम्युनिकेशंस (आरकॉम) भी इससे अछूती नहीं है।
कर्ज के बोझ से दबी रिलायंस कम्युनिकेशंस (आरकॉम) को जुलाई-सितंबर की तिमाही में करीब 30,142 करोड़ रुपये का एकीकृत घाटा हुआ है। उच्चतम न्यायालय द्वारा सांविधिक बकाये पर फैसले के मद्देनजर देनदारियों के लिए प्रावधान की वजह से कंपनी का घाटा इतना ज्यादा पहुंच गया है।