एयरटेल को भारत में हुए 23 हजार करोड़ रुपये से अधिक के घाटे से सिंगापुर की सबसे बड़ी मोबाइल सेवा प्रदाता कंपनी सिंगटेल कम्युनिकेशन पर भी असर देखने को मिला है। कंपनी को पहली बार 3520 करोड़ रुपये (49.1 करोड़ अमेरिकी डॉलर) का घाटा हुआ है।
कंपनी की है एयरटेल में 35.2 फीसदी हिस्सेदारी
सिंगटेल कॉर्पोरेशन की भारती एयरटेल में 35.2 हिस्सेदारी है। सुप्रीम कोर्ट द्वारा समायोजित एकल राजस्व (एजीआर) पर आदेश देने के चलते कंपनी ने अपनी बैलेंस शीट में भी इस राशि को दिखाया है, जिसके चलते उसको घाटा होगा। सिंगटेल में सिंगापुर सरकार की निवेशक कंपनी टेमासेक होल्डिंग्स की 52.5 फीसदी हिस्सेदारी है।
एयरटेल को हुआ था 23 हजार करोड़ का घाटा
बृहस्पतिवार को जारी नतीजों के मताबिक, दूरसंचार कंपनी को जुलाई-सितंबर, 2019 तिमाही में 23,045 करोड़ रुपये का भारी भरकम घाटा हुआ है। वहीं एक साल पहले समान तिमाही में कंपनी को 119 करोड़ रुपये का मुनाफा हुआ था। हालांकि कंपनी ने कहा कि नए अकाउंटिंग सिस्टम के कारण नतीजों की तुलना नहीं की जा सकती है।
चालू वित्त वर्ष की दूसरी तिमाही के दौरान भारती एयरटेल का राजस्व 4.7 फीसदी बढ़कर 21,199 करोड़ रुपये हो गया। कंपनी ने कहा कि सर्वोच्च अदालत के फैसले का ‘कंपनी पर खासा वित्तीय असर पड़ा है।’ कंपनी ने एक बयान में कहा, ‘कंपनी को राहत मिलने की उम्मीद है और ऐसा नहीं होने पर अदालत के फैसले के आधार पर लाइसेंस शुल्क व स्पेक्ट्रम शुल्क (एसयूसी) के मद में तिमाही के दौरान कंपनी पर 28,450 करोड़ रुपये का अतिरिक्त बोझ पड़ेगा।’ कंपनी ने कहा कि इस धनराशि में 6,146 करोड़ रुपये मूलधन, 12,219 करोड़ रुपये ब्याज, 3,760 करोड़ रुपये पेनल्टी और 6,307 करोड़ रुपये पेनल्टी पर ब्याज शामिल है।
कंपनी को हुआ था लाभ
सिंगटेल को पिछले साल की दूसरी तिमाही में 66.7 करोड़ सिंगापुर डॉलर का लाभ हुआ था। वहीं इस साल की पहली तिमाही में 54.1 करोड़ सिंगापुर डॉलर का लाभ हुआ था। पिछले छह माह में कंपनी को 12.7 करोड़ सिंगापुर डॉलर का नुकसान हुआ है। वहीं 150 करोड़ सिंगापुर डॉलर का लाभ हुआ है। अगर एयरटेल के नुकसान को हटा दिया जाए तो कंपनी को चार फीसदी का लाभ हुआ है।
सिंगटेल की सीईओ हुआ सोक कूंग ने कहा कि कोर्ट को निर्णय को अगर हटा दें तो फिर एयरटेल ने अपना शानदार प्रदर्शन किया है। कंपनी का मार्केट शेयर बढ़ने के साथ ही मोबाइल सेवा से होने वाली कमाई में भी इजाफा हुआ है।