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Air India चीफ का कर्मचारियों को सख्त संदेश, कहा- परर्फोमेंस दो, नहीं तो तबाह हो जाओगे

Sun, 31 Dec 2017 08:46 PM IST
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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air india
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नए साल की पूर्व संध्या पर एयर इंडिया के कर्मचारियों को सख्त संदेश मिला है। 52 हजार करोड़ के घाटे से जूझ रही Air India के बिकने की तैयारियों के बीच जारी किए संदेश में कंपनी के अध्यक्ष प्रदीप सिंह खरोला ने कर्मचारियों से कहा है कि उनको प्रोफेशनल और प्रोडक्टिव वर्क कल्चर देना होगा, अगर वो चाहते हैं कि कंपनी तबाह नहीं होना देना चाहते हैं। 
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इसी महीने बने थे अध्यक्ष
प्रदीप सिंह खरोला को केंद्र सरकार ने इसी महीने की शुरुआत में कंपनी का अध्यक्ष बनाया था। खरोला ने अपने संदेश में लिखा कि कर्मचारियों की कठिन मेहनत से एयर इंडिया कई विभागों में अच्छा कार्य किया है, लेकिन अभी हमें और आगे जाना है। अभी हमें अपने काम करने के तरीकों में और प्रोफेशनलिज्म लेकर के आना है, ताकि कंपनी को मुश्किल समय से बाहर निकाल सकें। 

एयर इंडिया में उन्हें लाने के पीछे भी सरकार की यही मंशा है कि लंबे समय से घाटे में चल रही इस सरकारी कंपनी को मुनाफे में लाया जा सके। हालांकि चर्चाएं इस बात की भी हैं कि सरकार एयर इंडिया को प्राइवेट हाथों में बेचने की तैयारी शुरू कर चुकी है इसलिए खरोला को लाया गया है कि वह जल्द से जल्द इस काम को अंजाम दे सकें।  
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कंपनी ने देश भर के प्रमुख एयरपोर्ट्स पर ली हुई किराये की जमीन और हैंगर को खाली कर दी है, जिससे उसके फालतू के खर्चों पर लगाम लग सके। एयर इंडिया के पूर्व सीएमडी राजीव बंसल ने कहा था कि वो एयरलाइंस की ऑन टाइम पर्फोमेंस, कस्टमर सर्विस पर भी ध्यान दे रहे हैं। बंसल ने कहा था कि वो कंपनी द्वारा एयरपोर्ट पर कबाड़ रखने के लिए ली गई किराये की जमीन और हैंगर को भी जल्द खाली करेंगे, ताकि इसके अतिरिक्त किराये को भी न देना पड़े। 
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संसद की कमेटी के सामने उठाया था मुद्दा

बड़े घाटे का सामना कर रही एयर इंडिया ने पार्लियामेंट कमेटी के सामने जमीनी विवाद का मुद्दा उठाया है। एयर इंडिया ने कमेटी को बताया कि उसकी संपत्तियों में अलग-अलग कंपनियों के जुड़े होने की वजह से वे उन्हें बेच नहीं पा रही है, जिसकी वजह से जमीनों के मॉनिटाइजेशन में दिक्कतें आ रही हैं। 

दअसल, कंपनी ने जमीनों के जरिए करीब 5000 करोड़ रुपये की रिकवरी का प्लान बनाया है, जिसके लिए 2012-13 से 2021-22 के बीच डेडलाइन रखी गई है। एयर इंडिया का कहना है कि वो जमीनी विवाद की वजह अब तक सिर्फ 369 करोड़ रुपये ही जमा कर पाई है।

6300 करोड़ की दो संपत्तियों को बेचने में आई थी परेशानी
6300 करोड़ की दो संपत्तियों को बेचने में एयर इंडिया को इसी परेशानी का सामना करना पड़ा है। ये दोनों प्रॉपर्टीज शहरी विकास मंत्रालय की ओर से लीज पर दी गई है और इन्हें बेचा नहीं जा सकता। इसके अलावा ऐसे और कई कारण हैं, जिनके चलते एयर इंडिया अपनी कई जमीनों को नहीं बेच पा रहा है।

दरअसल, एयर इंडिया की बड़ी हिस्सेदारी बेचने से पहले केंद्र रियल एस्टेट और गैर कंपनियों से जुड़ी संपत्तियों को बेचने की योजना बना रहा है। केंद्र सरकार की ओर से ये बड़ा इसलिए लिया जा रहा है क्योंकि एयर इंडिया लगातार घाटे का सामना कर रही है।
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