जून तक देश के विमानन क्षेत्र में एक नई एयरलाइन का आगाज हो सकता है। भारत में नई एयरलाइन शुरू करने के लिए एयर एशिया ने नागर विमानन महानिदेशालय (डीजीसीए) की सभी तकनीकी परीक्षण पूरे कर लिए हैं और अगले एक सप्ताह के भीतर एयर एशिया इंडिया को कॉमर्शियल उड़ानों के लिए एयर ऑपरेटर परमिट (एओपी) मिल सकता है।
बुधवार को एयर एशिया ने डीजीसीए के अधिकारियों की मौजूदगी में एयरबस 320 एयरक्राफ्ट की पहली उड़ान का प्रदर्शन किया। डीजीसीए से लाइसेंस हासिल करने के लिए उड़ान प्रदर्शन एक आवश्यक और अंतिम चरण की प्रक्रिया है।
टाटा संस की 30 फीसदी हिस्सेदारी
टाटा समूह की हिस्सेदारी में शुरू होने जा रही दो नई एयरलाइंस में एयर एशिया मौजूदा विमानन कंपनियों को तगड़ी टक्कर दे सकती है। एयर एशिया में टाटा संस की 30 फीसदी हिस्सेदारी है, जबकि 49 फीसदी हिस्सेदारी एयर एशिया की है।
इसमें बाकी उद्योगपति अरुण भाटिया की कंपनी के पास रहेगी। एयर एशिया इंडिया डीजीसीए के सभी निरीक्षणों को पूरा कर चुकी है, जबकि टाटा-सिंगापुर एयरलाइंस को कई अभी कई बाधाएं पार करनी हैं।
चेन्नई से बंगलूरू के बीच एयर एशिया
एयर एशिया से जुड़े सूत्रों का कहना है कि चेन्नई से बंगलूरू के बीच एयर एशिया की टेस्ट फ्लाइट सफलतापूर्वक संपन्न हुई है। इस प्रक्रिया के बाद करीब हफ्ते भर के अंदर कॉमर्शियल उड़ान शुरू करने के लिए परमिट दिया जा सकता है।
अगर कंपनी को अगले सप्ताह तक परमिट मिलता है तो जून से एयर एशिया इंडिया की उड़ान शुरू करने की तैयारी है।
भाजपा नेता सुब्रमण्यम स्वामी ने एयर एशिया और टाटा-सिंगापुर एयरलाइंस के खिलाफ दिल्ली हाईकोर्ट में याचिका दायर की हुई है। दोनों एयरलाइंस को तकनीक बाधाओं केअलावा इस कानूनी अड़चन को भी पार करना है।