गो एयर के मुख्य कार्यपालक अधिकारी ( सीईओ ) विनय दूबे ने बुधवार को कहा है कि कोरोना वायरस महामारी ने विमानन क्षेत्र के राजस्व पर भारी असर डाला है और इसलिए गो एयर के सभी कर्मचारियों के मार्च के वेतन में कटौती की जाएगी।
ऐसे लागत में कटौती करेगी कंपनी
गो एयर ने पहले ही लागत में कटौती के कुछ उपाय किए हैं। इन उपायों में पायलटों की छुट्टी करना, कर्मचारियों को क्रमिक रूप से अवैतनिक अवकाश पर जाने के लिए कहना और शीर्ष नेतृत्व के वेतन में 50 फीसदी तक कटौती का फैसला शामिल है।
कम वेतनमान को होगा सबसे कम नुकसान
दूबे ने कर्मचारियों से एक आधिकारिक संदेश में कहा, "वर्तमान परिस्थितियों में हमारे पास इसके सिवा कोई विकल्प नहीं बचा है कि मार्च महीने के लिए हम सभी के वेतन में कटौती करेंगे। हम यह सुनिश्चित करेंगे कि सबसे कम वेतनमान को सबसे कम नुकसान हो।" भारत ने अंतरराष्ट्रीय और घरेलू उड़ानों को निलंबित कर दिया गया है।
एयर इंडिया ने किया था एलान
इससे पहले एयर इंडिया ने एक बयान में कहा था कि कोरोनो वायरस के मद्देनजर, हम मार्च 2020 से अगले तीन महीने तक की अवधि के लिए केबिन क्रू को छोड़कर सभी कर्मचारियों को मिलने वाले भत्तों में 10 फीसदी की कटौती करने जा रहे हैं। इससे पहले खबर थी कि सरकारी कंपनी एयर इंडिया और निजी क्षेत्र की इंडिगो अपने कर्मचारियों के वेतन में 5 से 25 फीसदी तक कटौती कर सकती है। सरकारी विमानन कंपनी एयर इंडिया को घरेलू उड़ानें निलंबित रहने की अवधि में प्रतिदिन 30-35 करोड़ रुपये के नुकसान की आशंका है।
एविएशन सेक्टर को रोज 150 करोड़ रुपये की चपत
मालूम हो कि कोरोना वायरस के चलते भारत की एविएशन सेक्टर को रोजाना 150 करोड़ रुपये से ज्यादा की चपत लग रही है। प्रतिदिन करीब 4,500 घरेलू और अंतरराष्ट्रीय उड़ानों का संचालन होता है, जो कोरोना की वजह से जबरदस्त प्रभावित हुई हैं। केंद्र सरकार ने 24 मार्च से घरेलू उड़ानों पर रोक लगाने की बात कही है। इससे नुकसान और बढ़ेगा ही। अभी तक घरेलू विमानन सेवा में 30 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई है।