- बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (बीएसई) पर अडाणी एंटरप्राइजेज का शेयर 91.25 अंक (5.70 फीसदी) नीचे 1,510.25 के स्तर पर बंद हुआ।
- अडाणी पावर का शेयर 140.90 अंक (4.99 फीसदी) नीचे 140.90 के स्तर पर बंद हुआ।
- अडाणी ट्रांसमिशन के शेयर में 79.85 अंकों की गिरावट आई और यह पांच फीसदी नीचे 1517.25 पर बंद हुआ।
- अडाणी टोटल गैस के शेयर में भी पांच फीसदी की गिरावट आई और अंत में यह 81.25 अंक नीचे 1544.55 पर बंद हुआ।
- अडाणी ग्रीन एनर्जी लिमिटेड 4.13 फीसदी (50.70 अंक) नीचे 1175.95 पर बंद हुआ।
- अडाणी पोर्ट्स एंड स्पेशल इकोनॉमिक जोन लिमिटेड की बात करें, तो यह 768.70 के स्तर पर बंद हुआ। इसमें 70.10 अंक यानी 8.36 फीसदी की गिरावट आई।
मामले में समूह ने क्या कहा?
इस पूरे मामले में अडाणी समूह ने स्पष्टीकरण दिया और कहा कि जिन विदेशी फंड्स की चर्चा मीडिया रिपोर्ट्स में की गई है, वे एक दशक से अधिक समय से अडाणी एंटरप्राइजेज लिमिटेड में निवेशक हैं। डिमर्जर के परिणामस्वरूप स्वामित्व मिला है, जिसकी झलक पोर्टफोलियो कंपनियों में दिख रही है। अडाणी ग्रुप का पोर्टफोलियो प्राइमरी और सेकेन्डरी दोनों लेवल पर निवेशकों और रणनीतिक भागीदारों को आकर्षित करता है। अडाणी पोर्टफोलियो सभी क्षेत्रों में उल्लेखनीय वृद्धि की अपनी यात्रा जारी रखे हुए है और इस प्रकार अपने हितधारकों के लिए अत्यधिक वैल्यू सुनिश्चित करता है। हम अपने सभी हितधारकों से आग्रह करते हैं कि वे बाजार की अटकलों से परेशान न हों।
ये है योजना
वर्तमान घोषणाओं और खुलासे के आधार पर, मार्च 2022 में वृद्धि की उम्मीद है। अडाणी पोर्ट्स ने 11 से 12 फीसदी कार्गो वॉल्यूम वृद्धि की तैयारी की है, एजीईएल परिचालन क्षमता वित्त वर्ष 2020 के 2 गीगावाट से 5 गुना बढ़कर वित्त वर्ष 2022 में लगभग 10 गीगावॉट हो जाएगी। इसी तरह, अडाणी ट्रांसमिशन लिमिटेड, 2500 सीकेएम जोड़ेगी और 20,000 सीकेएम ट्रांसमिशन परिसंपत्तियों से अधिक हो जाएगी। यह वित्त वर्ष 2022 और उसके आगे अडाणी की सूचीबद्ध संस्थाओं द्वारा निरंतर बेहतर प्रदर्शन सुनिश्चित करेगा।
मीडिया रिपोर्ट्स में क्या बताया गया खाते फ्रीज का कारण?
रिपोर्ट के अनुसार, इन कंपनियों पर ओनरशिप के बारे में पर्याप्त जानकारी न देने की वजह से कार्रवाई की गई है। प्रीवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (PMLA) के तहत बेनिफिशियल ओनरशिप के बारे में पूरी जानकारी देनी जरूरी है। साल 2019 कैपिटल मार्केट्स रेग्युलेटर ने एफपीआई के लिए केवाईसी डॉक्युमेंटेशन को पीएमएलए के मुताबिक कर दिया था। फंड्स को 2020 तक नए नियमों का पालन करने का समय दिया गया था। सेबी ने कहा था कि नए नियमों का पालन न करने वाले फंड्स का खाता फ्रीज कर दिया जाएगा। नियमों के अनुसार एफपीआई को कुछ अतिरिक्त जानकारी देनी थी।
जांच कर रहा SEBI
रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि बाजार नियामक सेबी इस मामले की जांच कर रहा है कि कहीं अडाणी ग्रुप के शेयर्स को मैनुपुलेट तो नहीं किया जा रहा है। यह जांच साल 2020 में शुरू हुई थी और यह अब तक जारी है। एक साल में अडाणी ग्रुप की छह कंपनियों ने 200 से 1000 फीसदी तक का रिटर्न दिया है।