पिछले एक साल में दुनिया भर की मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) के पद पर कार्यकर रहे 1332 व्यक्तियों को अपना पद किसी न किसी कारण से छोड़ना पड़ा है। यह आंकड़ा पिछले 17 सालों में सबसे ज्यादा है। केवल अक्तूबर माह में 172 सीईओ पद से कार्यमुक्त हुए हैं। यह सितंबर महीने में बाहर किए गए सीईओ की संख्या की तुलना में 14 फीसदी और अक्टूबर-2018 में पद छोड़ने वाले सीईओ की संख्या की तुलना में 15 फीसदी अधिक है।
जिन कंपनियों ने अपने यहां से सीईओ को हटाया है उनमें मैकडोनाल्ड्स, जुल, वीवर्क, नाइकी और अंडर आर्मर शामिल हैं। ट्रैकिंग फर्म चैलेंजर की रिपोर्ट के अनुसार, 2002 के बाद यह किसी एक साल में सबसे ज्यादा सीईओ के बाहर होने का सबसे बड़ा आंकड़ा हो सकता है।
इस सर्वे में ऐसी कंपनियों को शामिल किया गया है, जो कम से कम दो साल से कार्य कर रही हैं और इनमें कम से कम 10 कर्मचारी कार्य कर रहे हैं। सीएनएन की रिपोर्ट के मुताबिक चैलेंजर के वाइस प्रेसिडेंट एंड्र्यू चैंलेजर ने कहा, 'इन फैसलों में कंपनी से जुड़े फैसलों के अलावा निजी जीवन से जुड़े फैसले भी शामिल हैं।'
नवंबर माह में मैकडोनाल्ड्स ने सीईओ स्टीव ईस्टरब्रुक को बाहर किया। उन पर कंपनी की कर्मचारी के साथ रिलेशनशिप में होने का आरोप लगा था। ईस्टरब्रुक ने इस आरोप को स्वीकार भी किया। मैकडोनाल्ड्स ने कहा है कि इनकी रिलेशनशिप आपसी सहमति से बनी, लेकिन यह कंपनी की पॉलिसी के खिलाफ है और इससे उनका कमजोर जजमेंट झलकता है। उनके स्थान पर क्रिस केंपजिंस्की को कंपनी का नया सीईओ बनाया गया है।
केंपजिंस्की मैकडोनाल्ड्स यूएसए के प्रेसिडेंट पद पर तैनात थे। ब्रिटिश नागरिक ईस्टरब्रुक ने कंपनी के स्टाफ को लिखे ई-मेल में रिलेशनशिप की बात स्वीकार की है और कहा है कि उनसे गलती हुई। उन्होंने ई-मेल में आगे कहा, 'कंपनी एक वैल्यू पे चलती है। मैं बोर्ड के इस फैसले से सहमत हूं कि मुझे अब यहां नहीं रहना चाहिए।' 52 साल के ईस्टरब्रुक मैकडोनाल्ड्स के साथ 1993 में लंदन में जुड़े थे।