लॉकडाउन में विनिर्माण और औद्योगिक गतिविधियों पर असर के बीच उपभोक्ता मंत्रालय ने बड़ी राहत दी है। मंत्रालय ने बृहस्पतिवार को जारी आदेश में कहा कि विनिर्माता और आयातक जीएसटी में हुए बदलाव को लागू करने के लिए 30 सितंबर, 2020 तक पुराने या गैर बिके उत्पादों पर नए लेबल लगाकर उनकी बिक्री कर सकेंगे।
इस आदेश के तहत जिन उत्पादों पर जीएसटी की दरों में बदलाव किया गया है, उनकी लेबलिंग, स्टीकर और स्टाम्प को नई दरों के अनुरूप 30 सितंबर तक बदला जा सकता है। भले ही ये उत्पाद पहले ही बनाए गए हों या बिक्री न होने से स्टॉक में पड़े हों।
आदेश में स्पष्ट किया गया है कि पुराने उत्पादों पर नई लेबलिंग की छूट 30 सितंबर तक या उन उत्पादों के स्टॉक खत्म होने तक की जा सकेगी। इससे पहले सरकार ने कंपनियों से कहा था कि वे अपने उत्पादों को वास्तविक मूल्य पर ही बेचें और नई दरें लागू होने के बाद ओवरराइट न करें। इसके अलावा कंपनियों को दो विज्ञापन भी प्रकाशित करने थे।
14 मार्च को किया था बदलाव
जीएसटी परिषद ने 14 मार्च को कई उत्पादों पर जीएसटी की दरों में बदलाव किया था। इसके तहत मोबाइल पर जीएसटी 12 फीसदी से बढ़ाकर 18 फीसदी कर दिया था और माचिस पर जीएसटी 12 फीसदी किया था। इसके अलावा एयरक्राफ्ट के मेंटेनेंस रिपेयर ओवरहॉल पर जीएसटी 12 फीसदी से घटाकर 5 फीसदी कर दिया था। सभी दरें 1 अप्रैल से प्रभावी हो चुकी हैं।