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विश्व विख्यात पेठा की मिठास 'कड़वाहट' में बदली, महंगाई के बाद कोरोना वायरस ने चौपट किया कारोबार

Mon, 16 Mar 2020 10:37 AM IST
Abhishek Saxena न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा

सार

छह रुपये बढ़कर 24 रुपये किलो पहुंचा कुम्हड़ा
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पेठा - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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ताजनगरी के पेठा उद्योग की मिठास कड़वाहट में बदलने लगी है। पहले महंगाई और अब कोरोना वायरस ने भी कारोबार को चपेट में लेना शुरू कर दिया है। अब तक औसतन 50 लाख रुपये की चपत लग चुकी है। पर्यटकों की संख्या प्रभावित होने तथा महंगाई के कारण ये नुकसान लगातार बढ़ता जा रहा है। 
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आगरा का पेठा विश्व विख्यात है। यहां से देश-विदेश में आपूर्ति होती है। मगर, बीते कुछ दिनों से उद्योग के लिए हालात अनुकूल नहीं चल रहे हैं। कुम्हड़ा की फसल खराब होने से फल की कीमत छह रुपये से बढ़ते-बढ़ते 24 रुपये किलो तक पहुंच चुकी है। जिससे इससे तैयार होने वाली मिठाई के दामों में 30 रुपये किलो तक का इजाफा हो गया है।

इसके चलते थोक में पेठा 45 से बढ़कर 80 रुपये किलो तक पहुंच गया है। खुदरा में कीमतें 120 रुपये तक पहुंची चुकी हैं। वहीं, कोरोना ने इस समस्या में कोढ़ में खाज का काम करना शुरू कर दिया है। पर्यटन प्रभावित होने से बिक्री ठहर गई है। इस पर कारोबारियों का कहना है कि पहले महंगाई से स्थानीय बिक्री प्रभावित थी अब पर्यटन के स्तर पर भी हाल बेहाल है।
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-पर्यटन प्रभावित होने से औसतन 15 लाख का नुकसान, महंगाई से 35 लाख रुपये का कारोबार प्रभावित, थोक और खुदरा मिलाकर 500 कारोबारी, सालाना औसतन 50 करोड़ रुपये का टर्नओवर, 40 हजार लोगों को रोजगार

उद्योग पर इस समय दोहरा संकट आन पड़ा है। पहले कुम्हड़ा की महंगाई से कारोबार प्रभावित हो रहा था अब कोरोना के कारण हालात और चिंतनीय है। संजीव सिंघल, महामंत्री शहीद भगत सिंह कुटीर उद्योग

पेठा गरीब तबके की भी मिठाई कहलाई जाती है। इसके महंगा होने से निश्चित रूप से फर्क पड़ता है। बीते कुछ दिनों से लगातार पेठा महंगा हो रहा है। 
पवन कुमार, कारोबारी
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