कोराना वायरस से कारोबार को औसतन 105 करोड़ रुपये का नुकसान हो चुका है। सराफा, इलेक्ट्रिकल्स, मोबाइल और मोबाइल एसेसरीज, जूता, पर्यटन, हस्तशिल्प व्यवसाय को सबसे ज्यादा प्रभावित है। माल की किल्लत होने लगी है। बाहर से व्यापारियों ने खरीदारी के लिए आना बंद कर दिया है।
सराफा बाजार: माल आना बंद हुआ
सराफा कारोबार पर चारों तरफ से संकट है। श्री सराफा कमेटी के मंत्री देवेंद्र गोयल का कहना है कि जिले में सराफा के करीब पांच हजार कारोबारी हैं। रोजाना औसतन 200 करोड़ रुपये का कारोबार होता है, लेकिन मंदी, ओलावृष्टि व कोरोना ने सब चौपट कर दिया है। मुंबई, राजकोट आदि शहरों से माल का आवागमन ठप पड़ गया है। बाहर से व्यापारी भी नहीं आ रहा है। लगभग 30 करोड़ का कारोबार प्रभावित है।
मोबाइल बाजार: बिक्री 80 फीसदी कम
मोबाइल और एसेसरीज के बाजार में माल की किल्लत के अलावा बिक्री भी गिर चुकी है। विक्रेता लोकेंद्र अग्रवाल का कहना है कि स्मार्टफोन और एसेसरीज की बिक्री 80 फीसद तक कम रह गई है। इतनी गिरावट इससे पहले तक नहीं हुई थी।
कंपनियों ने नए फोन की लांचिंग कम कर दी है, तो इधर मोबाइल पॉवर बैंक, चार्जर, ब्लूटूथ, हेडफोन जैसी एसेसरीज की आवक भी 50 फीसद तक प्रभावित है। करीब 10 करोड़ का कारोबार नुकसान में जा रहा है।
जूता उद्योग: ऑर्डर मिलना बंद हुआ
आगरा शू फैक्टर्स फेडरेशन के अध्यक्ष गागनदास रामानी का कहना है कि 85 फीसद रॉ मैटेरियल चीन से आता है। कोराना के कारण यह आना बंद हो गया है, जिससे संकट मंडराने लगा है। इधर, कोराना का भय बढ़ने से बिक्री बहुत प्रभावित हो रही है। कारखानों में सामान बनकर तैयार है, लेकिन ऑर्डर नहीं मिल रहे हैं। जूता उद्योग को अब तक करीब 15 करोड़ रुपये का झटका लग चुका है।
पर्यटन उद्योग: होटल खाली पड़े हैं
ताजनगरी के पर्यटन उद्योग को लगातार नुकसान हो रहा है। होटल एंड रेस्टोरेंट एसोसिएशन के अध्यक्ष राकेश चौहान का कहना है कि पर्यटकों की संख्या में 50 फीसद की गिरावट आ चुकी है। जिससे उद्योग को अब तक लगभग 30 करोड़ रुपये का नुकसान हो चुका है। होटलों के कमरे खाली होते जा रहे हैं।
इलेक्ट्रिकल्स: दाम बढ़े, बिक्री घटी
इलेक्ट्रिॉनिक्स सामानों का लगभग 70 फीसद कारोबार चीन पर निर्भर है। कारोबारियों का कहना है कि रोजाना औसतन 100 करोड़ रुपये के इस कारोबार में 10 करोड़ रुपये तक का नुकसान हो चुका है। विक्रेता संजय कुंडलानी का कहना है कि चीन से आने वाली एलईडी व अन्य सामानों की कमी से दामों में 10 फीसद तक की वृद्धि हो चुकी है, तो इधर बाहर से आने वाले व्यापारियों की संख्या में 60 फीसद तक कमी हो गई है। लोग खरीदारी करने बेहद कम निकल रहे हैं।
हस्तशिल्प: पर्यटक घटने से नुकसान
हस्तशिल्प कारोबार भी संकट से जूझ रही है। जरदोजी के निर्यातक फैजान का कहना है कि निर्यात घटकर 20 फीसद रह गया है। वहीं, पर्यटकों की सख्ंया में गिरावट होने से बिक्री भी 50 फीसद कम हो चुकी है। पत्थर, मार्बल, जरदोजी, कालीन उद्योग को भी औसतन 10 करोड़ का नुकसान हो चुका है।