केंद्र सरकार ने कहा कि सरकारी कंपनियां कोल इंडिया, ओएनजीसी विदेश लिमिटेड (ओवीएल) और राष्ट्रीय खनिज विकास निगम (एनएमडीसी) विदेशों में महत्वपूर्ण खनिजों की खोज और सक्रिय रूप से करेंगे। कोल इंडिया और एनएमडीसी पहले से ही चिली और ऑस्ट्रेलिया में काम कर रहे हैं।
ओवीएल सार्वजनिक क्षेत्र की तेल एवं प्राकृतिक गैस निगम (ओएनजीसी) की विदेशी निवेश कंपनी है। इन सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों (पीएसयू) की विदेश में पहले से ही किसी न किसी तरह की मौजूदगी है। केंद्रीय खान सचिव वीएल कांथा राव ने अपतटीय खनन पर एक कार्यशाला के अवसर पर कहा कि सचिवों के समूह (संसाधनों पर) ने फैसला लिया है कि कोल इंडिया, एनएमडीसी, ओएनजीसी विदेश लिमिटेड समेत अन्य कंपनियां आगे बढ़ें और विदेशों में महत्वपूर्ण खनिज पर भी ध्यान दें। यह एक आसान तरीका है। ये कंपनियां पहले से ही विदेशों में कारोबार कर रही हैं।
हालांकि खनिज विदेश इंडिया लिमिटेड (काबिल) विदेशों में खनिज संपत्तियों की खोज के लिए गठित तीन सार्वजनिक उपक्रमों का एक संयुक्त उद्यम है। इसका स्वामित्व तीन सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों नेशनल एल्युमीनियम कंपनी लि. (नाल्को), हिंदुस्तान कॉपर लिमिटेड (एचसीएल) और मिनरल एक्सप्लोरेशन एंड कंसल्टेंसी लिमिटेड (एमईसीएल) के पास है।