चीन की संसद, नेशनल पीपुल्स कांग्रेस (एनपीसी) का 14वां सत्र रविवार को शुरू हुआ। पहले सत्र में सबसे पहले चीनी कम्युनिस्ट पार्टी (सीपीसी) के महासचिव शी जिनपिंग को तीसरी बार पांच वर्ष के लिए चीन का राष्ट्रपति चुना गया। कोविड महामारी, रूस-यूक्रेन युद्ध और अमेरिका के साथ बढ़ते तनाव की वजह से चीन की अर्थव्यवस्था डांवाडोल हो रही है। यही वजह है कि ड्रैगन ने इस बार अपनी आर्थिक वृद्धि के लक्ष्य में ही दो फीसदी से ज्यादा की कटौती करते हुए, पांच फीसदी का लक्ष्य रखा है।
आर्थिक वृद्धि का लक्ष्य घटाया
ये आंकड़ा अब तक के सबसे कम लक्ष्यों में से एक है। किकियांग ने संसद में आखिरी भाषाण में एक दशक के दौरान सबसे कम 5 फीसदी की आर्थिक वृद्धि का एलान किया। चीन में यह 50 वर्ष में दूसरा सबसे कम आर्थिक वृद्धि लक्ष्य है। चीन ने पिछले वर्ष 7 फीसदी का लक्ष्य रखा था, लेकिन तीन फीसदी वृद्धि ही हासिल कर पाया है।हालांकि, कोरोना के बिगड़े हालात के चलते वह अपने लक्ष्य तक नहीं पहुंच गई। इसके अलावा चीनी सरकार ने एक बार फिर से अपने रक्षा बजट में बढ़ोतरी हो मंजूरी दे दी है।
आठवें साल भी बढ़ा चीन का रक्षा बजट
सुस्त होती अपनी आर्थिक चाल से ध्यान हटाने के लिए ड्रैगन ने रक्षा बजट को ढाल की तरह पेश करते हुए इसे जीडीपी के 7.2 फीसदी तक बढ़ाने का एलान किया है। चीन पिछले आठ वर्ष से लगातार रक्षा बजट में बढ़ोतरी कर रहा है। 2023 के लिए चीन ने अपना रक्षा बजट 225 अरब डॉलर तय किया है। भारत से तुलना करें, तो चीन का रक्षा बजट तीन गुना ज्यादा है। सीपीसी के प्रवक्ता वांग चाओ ने कहा, चीन जटिल सुरक्षा चुनौतियों से निपटने के दायित्वों को पूरा करने के लिए अपना रक्षा बजट बढ़ा रहा है।
पूर्वी लद्दाख पर कर रहा गुमराह
गलवान में मुंह की खाने के बाद भी चीन इस घटना को अपने नागरिकों के बीच बड़ी जीत की तरह पेश करता आ रहा है। प्रधानमंत्री ली किकियांग ने रविवार को चीनी संसद में अपना आखिरी रिपोर्ट कार्ड पेश करते हुए कहा, चीन की सेना ने समुद्री अधिकारों, आतंकरोधी अभियानों, कोविड से बचाव और सीमा की रक्षा के लिए उल्लेखनीय कार्य किए हैं।
ताइवान को मिलाकर रहेंगे : ली किकियांग ने कहा, चीन चाहता है कि ताइवान का चीन में शांतिपूर्ण विलय हो जाए। हालांकि, चीन ताइवान की आजादी के प्रयासों को हर तरह से रोकने को तैयार है। लोकतांत्रिक देश ताइवान को चीन, अपना हिस्सा बताता रहा है।
वार्षिक सत्र के दौरान नेशनल पीपुल्स कांग्रेस शीर्ष पर नई आधिकारिक नियुक्तियों की शुरुआत करेगी, जिसमें शी के वफादारों से भरे जाने की उम्मीद है, जिनमें से कई चीन की सत्तारूढ़ कम्युनिस्ट पार्टी (सीपीसी) की पांच साल की सरकार में पहले चुने गए थे।
चीन सरकार ने और क्या-क्या कहा?
पीपुल्स कांग्रेस ने रविवार को कहा, 'पार्टी के केंद्रीय समिति के मजबूत नेतृत्व में हमने कोविड-19 का मुकाबला किया। आर्थिक और सामाजिक विकास को एक प्रभावी और अच्छी तरह से समन्य करके आगे बढ़ाया। बड़ी कठिनाइयों और चुनौतियों पर काबू पाने के बाद हम समग्र स्थिर आर्थिक प्रदर्शन को बनाए रखने में सफल रहे।'
तीसरा कार्यकाल मिलने से मजबूत हुए जिनपिंग
विशेषज्ञों का कहना है कि शी जिनपिंग को राष्ट्रपति पद का तीसरा कार्यकाल मिलने से चीन मजबूत हुआ है। नेशनल यूनिवर्सिटी ऑफ सिंगापुर के ली कुआन यू स्कूल ऑफ पब्लिक पॉलिसी के एसोसिएट प्रोफेसर अल्फ्रेड मुलुआन वू ने एएफपी को बताया कि शी को पार्टी के शीर्ष पर एक "काफी मजबूत" स्थिति प्राप्त है, जो उन्हें वास्तव में अचूक बनाता है। लंदन विश्वविद्यालय में SOAS चाइना इंस्टीट्यूट के निदेशक स्टीव त्सांग ने कहा कि शी के पास अब पिछले साल की अशांति से बने दबाव के प्रति अपनी प्रतिक्रिया दिखाने का अवसर है।
उन्होंने एएफपी को बताया, 'जिनपिंग ने तमाम विरोध प्रदर्शन और पद छोड़ने की मांगों के दबाव के बीच किया। अब उन्होंने एक झटके में खारिज करते हुए और मूल कारण को ही हटा दिया। अब वह पहले के मुकाबले काफी मजबूत हो गए हैं।'
चीन की विकास दर 2023 में 4.3 फीसदी होगीः विश्व बैंक
विश्व बैंक ने वर्ष 2023 में चीन के लिए 4.3 फीसदी की विकास दर का अनुमान जताया है। यह पिछली विकास दर से काफी कम है। चीन की मंदी ने तेल, भोजन, उपभोक्ता वस्तुओं और अन्य आयातों की मांग को कम करके उसके व्यापारिक भागीदारों को नुकसान पहुंचाया है। बढ़ती मुद्रास्फीति से लड़ने के लिए ब्याज दर में बढ़ोतरी के बाद अमेरिका और यूरोपीय चीनी वस्तुओं की मांग में कमी आई है।
पिछले साल केवल तीन फीसदी रह गई थी विकास दर
जीरो कोविड पॉलिसी और रियल एस्टेट बाजार में भारी गिरावट की वजह से चीन की अर्थव्यवस्था की रफ्तार 2022 में घटकर महज तीन फीसदी रह गई है। यह 1947 के बाद पिछले 50 वर्षों में चीन की जीडीपी की दूसरी सबसे कम वृद्धि दर है। उस समय वहां की आर्थिक विकास दर 2.3 फीसदी रही थी।
राष्ट्रीय सांख्यिकी ब्यूरो के मुताबिक, 2022 में चीन का सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) 1,21,020 अरब युआन (17,940 अरब डॉलर) रहा। जो 2021 में 1,14,370 अरब युआन थी। रिपोर्ट के अनुसार, चीन की जीडीपी वृद्धि दर 5.5 फीसदी के आधिकारिक लक्ष्य से काफी नीचे रही है। वहीं, सरकार का कहना है कि संक्रमण की मौजूदा लहर गुजर चुकी है।
इससे पहले 1974 में चीन की वृद्धि दर 2.3 फीसदी रही थी। उल्लेखनीय है कि इस साल डॉलर मूल्य में चीन की जीडीपी दर 2021 के 18,000 अरब डॉलर से घटकर 17,940 अरब डॉलर पर आ गई है। चीन की मुद्रा (आरएमबी) की तुलना में डॉलर में मजबूती की वजह से ऐसा हुआ है।