केंद्र 10 सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों (पीएसयू) में विनिवेश की योजना बना रहा है। इसके लिए पूरी तरह निजीकरण का रास्ता अपनाया जा सकता है या फिर सरकार इनमें अपनी हिस्सेदारी बेच सकती है।
बजट में लिया गया था फैसला
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने इस वर्ष के बजट में सरकारी कंपनियों में हिस्सेदारी बेचने के जरिए 1.75 लाख करोड़ रुपये जुटाने का लक्ष्य रखा था। हालांकि, महामारी की दूसरी लहर के कारण सरकार की यह योजना सफल होनी मुश्किल दिख रही है है। पिछले कुछ वर्षों में सरकारी कंपनियों में हिस्सेदारी बेचकर फंड जुटाने के सरकार के कई लक्ष्य पूरे नहीं हो सके हैं।
वहीं, दूसरी ओर नीति आयोग ने विनिवेश संबंधी सचिवों की कोर समिति को उन सरकारी बैंकों के नाम सौंप दिए हैं जिनका विनिवेश प्रक्रिया के तहत मौजूदा वित्तीय वर्ष में निजीकरण किया जाना है।