घरेलू स्टार्टअप में पूंजी निवेश बढ़ाने और नए रोजगार पैदा करने में इस बार का बजट काफी मददगार साबित होगा। उद्योग एवं आंतरिक व्यापार संवर्द्धन विभाग (डीपीआईआईटी) सचिव रमेश अभिषेक ने रविवार को बताया कि स्टार्टप को टैक्स छूट दिए जाने से नए उद्यमी भी इस क्षेत्र में कदम रखेंगे, जो कारोबार विस्तार के साथ रोजगार को बढ़ावा देगा।
डीपीआईआईटी सचिव के मुताबिक, बजट ने स्टार्टअप में निवेश को एंजल टैक्स से पूरी तरह छूट प्रदान की है। इस कदम से उभरते उद्योगपतियों को प्रोत्साहन मिलेगा। इसके अलावा स्टार्टअप कंपनियों के लिए लंबित कर आकलन और कर संबंधी शिकायतों के समाधान के लिए केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (सीबीडीटी) की ओर से विशेष प्रशासनिक व्यवस्था का प्रावधान किया गया है।
सरकार यह भी सुनिश्चित करेगी कि लंबित मामलों में कोई भी क्षेत्रीय कर अधिकारी बिना अपने पर्यवेक्षक अधिकारी से अनुमति लिए कोई भी जांच या सत्यापन शुरू नहीं कर सकेगा। इससे पहले कई स्टार्टअप ने शिकायत की थी कि उन्हें पूंजी बाजार से निवेश जुटाने पर आयकर अधिनियम-1961 की धारा 56(2)(8बी) के तहत 30 फीसदी टैक्स चुकाने के लिए नोटिस मिला है।