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धनतेरस: कारोबारियों को 50 फीसदी तक बिक्री बढ़ने की आस, इनकी होगी ज्यादा बिक्री

Tue, 17 Oct 2017 09:14 AM IST
amarujala.com- Presented By: अनंत पालीवाल
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पिछले साल हुई नोटबंदी और इस साल वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) के लागू होने के बाद सुस्त पड़े कारोबार में धनतेरस और दीपावली से रौनक लौट आई है। कार, मोटरसाइकिल से लेकर फर्नीचर, कंज्यूमर ड्यूरेबल, एफएमसीजी, सोना-चांदी तक के विक्रेता धनतेरस में हो रही बिक्री से काफी उत्साहित हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि इस बार धनतेरस और दिवाली के दौरान बिक्री में 25 से 50 फीसदी तक का इजाफा होना तय है।
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सोना-चांदी की खरीद पर जीरो मेकिंग चार्ज
धनतेरस पर पारंपरिक रूप से सोना या चांदी की खरीदारी बड़ी अहम मानी जाती है। इस बार धनतेरस पर खरीदारी को खास बनाने के लिए ज्वेलर्स ईएमआई पर खरीदारी से लेकर फ्री इंश्योरेंस और जीरो मेकिंग चार्ज जैसे शानदार ऑफर लेकर आए हैं। 

पढ़ें- धनतरेस पर ज्वैलर्स का ये खास ऑफर, EMI पर दे रहे ज्वैलरी

नो कॉस्ट ईएमआई पर मिल रही है कार,बाइक
मोटर वाहन बाजार में कार और बाइक की बंपर बुकिंग हो रही है ताकि इसकी डिलीवरी धनतेरस पर ली जा सके। ग्राहकों को रिझाने के लिए कंपनियां और डीलर दोनों ऑफर दे रहे हैं। कहीं वाहन पर छूट मिल रही है तो कहीं कोई सामान उपहार में। नो कॉस्ट या कंशेसनल ब्याज दर पर ईएमआई भी लगभग सभी कंपनियां उपलब्ध करा रही हैं।
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कंज्यूमर ड्यूरेबल के दाम नहीं बढ़े

कंज्यूमर ड्यूरेबल उद्योग को भी उम्मीद है कि इस बार धरतेरस और दिवाली में उनकी इतनी बिक्री तो जरूर हो जाएगी, जिससे नोटबंदी और जीएसटी की वजह से हुआ घाटा पट जाएगा।

इनका कहना है कि जबसे जीएसटी लागू हुआ है, तब से उनके कच्चे माल की कीमत में पांच से पंद्रह फीसदी का इजाफा हो गया है लेकिन उन्होंने प्रोडक्ट की कीमत नहीं बढ़ाई है ताकि ग्राहक त्योहारों में अधिक से अधिक खरीदारी कर सकें।

FMCG कंपनियों ने निकाला है विशेष त्योहारी पैक
दिवाली पर होने वाली भारी बिक्री को देखते हुए एफएमसीजी क्षेत्र की लगभग सभी कंपनियों ने विशेष गिफ्ट पैक बाजार में उतारा है। हालांकि इस बार सभी कंपनियों का जोर वैसे उत्पादों का गिफ्ट पैक तैयार करने पर रहा है जो स्वास्थ्य के लिए सेहतमंद हो।

डाबर फूड्स के मार्केटिंग हेड मयंक कुमार का कहना है कि अब ग्राहक स्वास्थ्य को लेकर बेहद जागरूक हो गए हैं। इसलिए कंपनी ने दिवाली गिफ्ट के लिए सेहतमंद उत्पादों को ही उतारने पर जोर दिया है। 

कार-बाइक पर विशेष छूट

- फोटो : amar ujala
बीते नवरात्रों की बिक्री से उत्साहित मोटर वाहन बाजार ने धनतेरस के लिए भी पूरी तैयारी की है। कार बनाने वाली सभी बड़ी कंपनियों ने खुद या डीलरों के साथ मिलकर आकर्षक योजना बनाई है।

मोटर वाहन एवं अन्य घरेलू सामान फाइनेंस करने वाली अग्रणी नॉन बैंकिंग फाइनेंस कंपनी (एनबीएफसी) बजाज फाइनेंस के प्रबंध निदेशक राजीव जैन का कहना है कि उन्होंने कई मोटर वाहन कंपनियों से ही टाई अप किया है और कई जगह डीलर स्तर पर करार हुआ है। इसमें जीरो फाइनेंस से लेकर कई आकर्षक ऑफर हैं। 

चांदी के सिक्कों के बजाय मूर्तियों पर जोर
चांदी कारोबारियों का कहना है कि पहले धनतेरस में चांदी के सिक्कों की खरीदारी खूब होती थी। लेकिन इस बार ट्रेंड सिक्कों का नहीं बल्कि मूर्तियों का दिख रहा है। इसलिए ज्वेलरों ने चांदी की मछली, गणेश और लक्ष्मी की प्रतिमा, कुबेर की प्रतिमा तथा लड्डू गोपाल की प्रतिमा की खूब खरीदारी कर ली है।

कुछ कारोबारी हैं आशंकित
कंफेडरेशन आफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स के महासचिव प्रवीण खंडेलवाल को आशंका है कि इस साल कारोबारियों के लिए फीकी दिवाली रहेगी क्योंकि अर्थव्यवस्था में सुस्ती है और बाजार में नकदी का अभाव है।

इसलिए धनतेरस या दिवाली पर वही सामान खरीदेंगे, जो जरूरी होगा। इसलिए व्यापारियों की बिक्री प्रभावित होगी और करीब 40 फीसदी तक ग्राहकी घट जाएगी। 
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पारंपरिक ज्वेलर्स के ऑर्डर मिले कम

- फोटो : amar ujala
अर्थव्यवस्था में पहले जैसी तेजी के लक्षण नहीं दिखने से पारंपरिक ज्वैलर्स आशंकित भी हैं। दिल्ली बुलियन एंड ज्वेलर्स वेलफेयर एसोसिएशन के अध्यक्ष विमल गोयल का कहना है कि उत्तर भारत के सभी शहरों में जेवरातों की आपूर्ति यहीं से होती है। लेकिन इस बार पारंपरिक ज्वेलरों ने कम माल का ऑर्डर दिया था।

उनका कहना है कि पिछले साल धनतेरस पर जितनी बिक्री हुई थी, उसके मुकाबले इस बार 80 फीसदी भी बिक्री हो जाए तो वह खुश हो जाएंगे। हालांकि उनका भी मानना है कि 50 हजार रुपये से ऊपर के गहनों की खरीद पर पैन नंबर देने के झंझट से मुक्ति मिलने से उन्हें राहत मिली है। उनमें मुताबिक इस बार हल्के-फुल्के गहनों की ज्यादा मांग रहेगी।
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