अमेरिका में दवा कंपनियों सन फार्मा, लुपिन और डॉ. रेड्डीज ने दवाओं को वापस मंगाने का फैसला किया
भारतीय दवा कंपनियां सन फार्मा, लुपिन और डॉ. रेड्डीज ने अमेरिकी बाजार से अपनी कुछ दवाओं को वापस मंगाने (रिकॉल) का फैसला किया है। इसका कारण निर्माण में खामी और दवा की पैकिंग में गलती बताया गया है। यह जानकारी अमेरिकी स्वास्थ्य नियामक संस्था यूएसएफडीए ने दी है। मुंबई स्थित सन फार्मा ने अटेंशन डेफिसिट हाइपरएक्टिविटी डिसऑर्डर के इलाज में इस्तेमाल होने वाली लिस्डेक्साम्फेटामाइन डाइमेसिलेट 60 एमजी कैप्सूल की 5,448 बोतलों को वापस मंगाया है। यूएसएफ़डीए के मुताबिक, इस दवा की घुलनशीलता के मानक पूरे नहीं हुए, इसलिए 16 जून 2025 को इसे वापस मंगाने की प्रक्रिया (क्लास-II रिकॉल) शुरू की गई।
ईडी की तलाशी पूरी, रिलायंस इंफ्रा और पावर का संचालन सामान्य, कंपनियों ने जताया सहयोग का भरोसा
रिलायंस समूह की कंपनियों रिलायंस इंफ्रास्ट्रक्चर (आरइंफ्रा) और रिलायंस पावर (आरपावर) ने रविवार को कहा कि प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने उनके विभिन्न परिसर में तलाशी का काम पूरा कर लिया है और कंपनियां संघीय जांच एजेंसी के साथ सहयोग करना जारी रखेंगी। आरपावर ने स्टॉक एक्सचेंज में दायर अपनी नवीनतम रिपोर्ट में कहा, ‘‘ईडी की कार्रवाई सभी जगहों पर पूरी हो गई है। कंपनी और उसके सभी अधिकारियों ने जांच एजेंसी के साथ पूरा सहयोग किया है और आगे भी सहयोग करते रहेंगे।
आरइंफ्रा और आरपावर, दोनों की ओर से जारी दो अलग-अलग बयानों में कहा गया है कि कंपनी सामान्य रूप से काम कर रही है और उक्त कार्रवाई का उसके व्यावसायिक संचालन पर कोई प्रभाव नहीं पड़ा है। आधिकारिक सूत्रों के अनुसार, शनिवार को ईडी ने मुंबई में रिलायंस समूह के अध्यक्ष अनिल अंबानी की कंपनियों के खिलाफ तीसरे दिन भी छापेमारी की और कई जगहों से विभिन्न दस्तावेज़ और कंप्यूटर उपकरण बरामद किए।
संघीय जांच एजेंसी ने 24 जुलाई को कथित तौर पर 3,000 करोड़ रुपये के बैंक ऋण धोखाधड़ी से जुड़े धन शोधन मामले के अलावा कुछ कंपनियों द्वारा करोड़ों रुपये की वित्तीय अनियमितताओं के कई अन्य आरोपों के तहत छापेमारी की थी। दोनों कंपनियों ने स्टॉक एक्सचेंज में दायर अपनी रिपोर्ट में कहा, ‘‘ईडी की कार्रवाई का व्यावसायिक संचालन, वित्तीय प्रदर्शन, शेयरधारकों, कर्मचारियों या किसी अन्य हितधारक पर कोई प्रभाव नहीं पड़ा है।’’