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Biz Updates: ट्रेडर्स व कंटेंट क्रिएटर्स से होगी टैक्स वसूली, ITR में जुड़े 5 नए कोड; देनी होगी आय की जानकारी

Sun, 27 Jul 2025 06:23 AM IST
शिव शुक्ला अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली
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आयकर विभाग की नजर सोशल मीडिया कंटेंट क्रिएटर्स, इन्फ्लुएंसर्स, वायदा एवं विकल्प यानी एफएंडओ ट्रेडर्स सहित अन्य लोगों पर है। इन लोगों से टैक्स वसूली के लिए अब विभाग ने बदलाव करते हुए इनकम टैक्स रिटर्न-3 में पांच नए पेशेवर कोड को शामिल किया है। इसका मतलब कि इन लोगों को आईटीआर-3 भरना होगा और इसमें अपनी आय बतानी होगी।

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आयकर विभाग ने वित्त वर्ष 2024-25 (आकलन वर्ष 2025-26) के लिए आयकर रिटर्न (आईटीआर) यूटिलिटीज के अंतर्गत 16021 नामक नया कोड पेश किया है। यह उन इन्फ्लुएंसर्स के लिए है जो प्रमोशन, उत्पादों का विज्ञापन या डिजिटल कंटेंट के जरिये कमाई करते हैं। इस कोड को आईटीआर-3 और आईटीआर-4 (सुगम) दोनों में प्रोफेशन कैटेगरी के अंतर्गत देखा जा सकता है। इससे क्रिएटर्स, ऑनलाइन कोच और ब्लॉगर्स के लिए अनुपालन आसान हो जाता है। विशेषज्ञों के अनुसार, अगर कोई इंफ्लुएंसर सेक्शन 44एडीए के तहत अनुमानित कराधान का विकल्प चुन रहा है, तो उसे आईटीआर-4 का उपयोग करना चाहिए।

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अमेरिका में दवा कंपनियों सन फार्मा, लुपिन और डॉ. रेड्डीज ने दवाओं को वापस मंगाने का फैसला किया
भारतीय दवा कंपनियां सन फार्मा, लुपिन और डॉ. रेड्डीज ने अमेरिकी बाजार से अपनी कुछ दवाओं को वापस मंगाने (रिकॉल) का फैसला किया है। इसका कारण निर्माण में खामी और दवा की पैकिंग में गलती बताया गया है। यह जानकारी अमेरिकी स्वास्थ्य नियामक संस्था यूएसएफडीए ने दी है। मुंबई स्थित सन फार्मा ने अटेंशन डेफिसिट हाइपरएक्टिविटी डिसऑर्डर के इलाज में इस्तेमाल होने वाली लिस्डेक्साम्फेटामाइन डाइमेसिलेट 60 एमजी कैप्सूल की 5,448 बोतलों को वापस मंगाया है। यूएसएफ़डीए के मुताबिक, इस दवा की घुलनशीलता के मानक पूरे नहीं हुए, इसलिए 16 जून 2025 को इसे वापस मंगाने की प्रक्रिया (क्लास-II रिकॉल) शुरू की गई।

दूरसंचार विभाग ने टाटा कम्युनिकेशंस को भेजा कारण बताओं नोटिश
दूरसंचार विभाग ने टाटा कम्युनिकेशंस को समायोजित सकल राजस्व (एजीआर) बकाया राशि के संबंध में लगभग 7,800 करोड़ रुपये का ‘कारण बताओ एवं मांग नोटिस’ जारी किया है। कंपनी ने एक आधिकारिक नोट में यह जानकारी दी। विभाग के 17 जुलाई के नोट के अनुसार, दूरसंचार विभाग (डीओटी) द्वारा 2005-06 से 2023-24 तक के एजीआर के लिए यह मांग की गई है।

मामले में टाटा कम्युनिकेशंस के प्रबंध निदेशक (एमडी) ए एस लक्ष्मीनारायण ने कहा कि कंपनी को 30 जून, 2025 तक भारतीय दूरसंचार विभाग से वित्त वर्ष 2005-06 से वित्त वर्ष 2023-24 तक के लिए कुल 7,827.55 करोड़ रुपये के ‘कारण बताओ-सह-मांग नोटिस’ (मांग नोटिस) प्राप्त हुए हैं।
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ईडी की तलाशी पूरी, रिलायंस इंफ्रा और पावर का संचालन सामान्य, कंपनियों ने जताया सहयोग का भरोसा
रिलायंस समूह की कंपनियों रिलायंस इंफ्रास्ट्रक्चर (आरइंफ्रा) और रिलायंस पावर (आरपावर) ने रविवार को कहा कि प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने उनके विभिन्न परिसर में तलाशी का काम पूरा कर लिया है और कंपनियां संघीय जांच एजेंसी के साथ सहयोग करना जारी रखेंगी। आरपावर ने स्टॉक एक्सचेंज में दायर अपनी नवीनतम रिपोर्ट में कहा, ‘‘ईडी की कार्रवाई सभी जगहों पर पूरी हो गई है। कंपनी और उसके सभी अधिकारियों ने जांच एजेंसी के साथ पूरा सहयोग किया है और आगे भी सहयोग करते रहेंगे।

आरइंफ्रा और आरपावर, दोनों की ओर से जारी दो अलग-अलग बयानों में कहा गया है कि कंपनी सामान्य रूप से काम कर रही है और उक्त कार्रवाई का उसके व्यावसायिक संचालन पर कोई प्रभाव नहीं पड़ा है। आधिकारिक सूत्रों के अनुसार, शनिवार को ईडी ने मुंबई में रिलायंस समूह के अध्यक्ष अनिल अंबानी की कंपनियों के खिलाफ तीसरे दिन भी छापेमारी की और कई जगहों से विभिन्न दस्तावेज़ और कंप्यूटर उपकरण बरामद किए।

संघीय जांच एजेंसी ने 24 जुलाई को कथित तौर पर 3,000 करोड़ रुपये के बैंक ऋण धोखाधड़ी से जुड़े धन शोधन मामले के अलावा कुछ कंपनियों द्वारा करोड़ों रुपये की वित्तीय अनियमितताओं के कई अन्य आरोपों के तहत छापेमारी की थी। दोनों कंपनियों ने स्टॉक एक्सचेंज में दायर अपनी रिपोर्ट में कहा, ‘‘ईडी की कार्रवाई का व्यावसायिक संचालन, वित्तीय प्रदर्शन, शेयरधारकों, कर्मचारियों या किसी अन्य हितधारक पर कोई प्रभाव नहीं पड़ा है।’’
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