ऑनलाइन स्टॉक ब्रोकिंग फर्म जेरोधा का लाभ वित्त वर्ष 2021 में बढ़कर 1,122 करोड़ रुपये रहा, यह पिछले वित्त वर्ष 2020 में हुए मुनाफे की तुलना में 2.6 गुना अधिक है। कंपनी की ओर से बुधवार को यह जानकारी साझा की गई है।
कंपनी का खर्च भी बढ़ा
गौरतलब है कि वित्त वर्ष 2020 में जेरोधा को 43.95 करोड़ रुपये का लाभ हुआ था। इसे संबंध में जारी एक रिपोर्ट के मुताबिक, इस उछाल की प्रमुख वजह ये रही कि वित्त वर्ष 2021 में कोरोना महामारी के दौरान ऑनलाइन ट्रेंडिंग में लोगों की काफी दिलचस्पी बढ़ी थी। कंपनी के नतीजे इस बात की ओर साफतौर पर इशारा करते हैं कि इस ट्रेंड का उसे अच्छा फायदा मिला है। इस दौरान कंपनी का खर्च भी बढ़कर वित्त वर्ष 2021 में 1,260.20 करोड़ रुपये रहा, जो वित्त वर्ष 2020 में 517.70 करोड़ रुपये था।
रेवेन्यू में तीन गुना उछाल
रिपोर्ट के अनुसार, लाखों की संख्या में प्लेटफॉर्म पर नए यूजर्स जुड़े, जिसका फायदा कंपनी के रेवेन्यू में भी देखने को मिला है। जेरोधा का वित्त वर्ष 2021 के दौरान रेवेन्यू लगभग तीन गुना बढ़कर 2,729 करोड़ रुपये पर पहुंच अया, जो कि वित्त वर्ष 2020 में 938.45 करोड़ रुपये रहा था। बता दें कि कंपनी की 82.5 फीसदी आय उसकी सेवाओं की बिक्री के जरिए हुई है, जिसमें ब्रोकरेज फीस, प्रीमियम टेक प्रोडक्ट की बिक्री, यूजर ऑनबोर्ड फीस और क्लाइंट्स से लिए गए एक्सचेंज ट्रांजैक्शन फीस शामिल है। वहीं 17.5 फीसदी आय अन्य स्रोतों से हुई है।