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BRICS: क्या ब्रिक्स के विस्तार में पाकिस्तान की अनदेखी की गई? पड़ोसी देश के विदेश मंत्रालय ने दिया ये जवाब

Sat, 26 Aug 2023 01:08 PM IST
कुमार विवेक बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

BRICS: पाकिस्तान की विदेश कार्यालय की प्रवक्ता मुमताज जहरा बलूच ने विकासशील देशों के समूह की ओर से नए देशों को जोड़े जाने के एक दिन बाद शुक्रवार रात को अपनी साप्ताहिक ब्रीफिंग का ब्योरा जारी किया। इसमें कहा गया है कि ब्रिक्स के विस्तार के लिए हुई घोषणा में इस्लामाबाद की अनदेखी की गई है।
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ब्रिक्स का विस्तार - फोटो : ANI
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विस्तार
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पाकिस्तान ने ब्रिक्स के विस्तार की खबर को तवज्जो नहीं देने की कोशिश करते हुए कहा है कि उसने इसमें शामिल होने के लिए अभी तक औपचारिक अनुरोध नहीं किया है। ब्रिक्स देशों के नेताओं ने 24 अगस्त को अर्जेंटीना, मिस्र, इथियोपिया, ईरान, सऊदी अरब और संयुक्त अरब अमीरात को समूह के नए सदस्यों के रूप में शामिल करने का फैसला किया था।

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पाकिस्तान की विदेश कार्यालय की प्रवक्ता मुमताज जहरा बलूच ने विकासशील देशों के समूह की ओर से नए देशों को जोड़े जाने के एक दिन बाद शुक्रवार रात को अपनी साप्ताहिक ब्रीफिंग का ब्योरा जारी किया। बलूच ने कहा, "हम ताजा घटनाक्रमों की समीक्षा करेंगे और ब्रिक्स के साथ अपने भविष्य के संबंधों के बारे में दृढ़ संकल्प करेंगे। यह पूछे जाने पर कि क्या पाकिस्तान को ब्रिक्स की ओर से नजरअंदाज किया गया है, उन्होंने कहा कि पाकिस्तान ने दक्षिण अफ्रीका में हुए शिखर सम्मेलन में ब्रिक्स के घटनाक्रमों का अनुसरण किया और समावेशी बहुपक्षवाद के लिए अपने खुलेपन का भी उल्लेख किया।"  

उन्होंने कहा, 'पाकिस्तान बहुपक्षवाद का प्रबल समर्थक है और कई बहुपक्षीय संगठनों के सदस्य के रूप में उसने हमेशा वैश्विक शांति और विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। प्रवक्ता ने पाकिस्तान को एक महत्वपूर्ण विकासशील देश बताया जिसने दक्षिण के देशों के बीच शांति, एकजुटता और सहयोग को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। उन्होंने कहा, ''हम अंतरराष्ट्रीय सहयोग की भावना को बढ़ावा देने और समावेशी बहुपक्षवाद को पुनर्जीवित करने के लिए अंतरराष्ट्रीय मंचों पर अपने प्रयास जारी रखेंगे।"
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ब्रिक्स शुरू में ब्राजील, रूस, भारत, चीन और दक्षिण अफ्रीका से बना था, समूह ने अपने सदस्यों की संख्या बढ़ाकर 11 करने की घोषणा की है। जिससे यह वैश्विक दक्षिण के देशों का और मजबूत प्रतिनिधि बन गया है। कथित तौर पर कई देश इस समूह में शामिल होने के लिए कतार में हैं। हालांकि भारत की उपस्थिति के कारण पाकिस्तान को चुनौती का सामना करना पड़ सकता है, जिसके पास उसके अनुरोध को अस्वीकार करने के लिए वीटो पावर है।

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