यस बैंक-डीएचएफएल बैंक धोखाधड़ी मामले में सीबीआई ने पुणे के ऑटो चालक से रियल एस्टेट कारोबारी बने अविनाश भोसले की भूमिका को जांच के दायरे में ला दिया है। अधिकारियों ने गुरुवार को कहा कि डीएचएफएल से ऋण की सुविधा के लिए एक अन्य रियल एस्टेट डेवलपर से भोसले को 360 करोड़ रुपये मिले।
उन्होंने कहा कि सीबीआई ने इस मामले में पहले गिरफ्तार किए गए रेडियस डेवलपर्स के संजय छाबरिया द्वारा बनाई गई एबीआईएल के अध्यक्ष अविनाश भोसले की कंपनियों को 68.8 करोड़ रुपये और 292 करोड़ रुपये से अधिक के दो भुगतानों का पता लगाया था। हालांकि, इन आरोपों पर एबीआईएल समूह की ओर से कोई से टिप्पणी नहीं आई है। जांच में पाया गया कि यह भुगतान परामर्श शुल्क और ऋण के रूप में दिखाया गया था।
गौरतलब है कि एबीआईएल समूह के अध्यक्ष अविनाश भोसले को पूछताछ के लिए सीबीआई दिल्ली लेकर आई है। भोसले को यस बैंक के सह संस्थापक राणा कपूर और डीएचएफएल के कपिल वधावन से संबंधित भ्रष्टाचार के मामले में मुंबई से गिरफ्तार किया गया था। अधिकारियों ने कहा कि भोसले से मुंबई में पूछताछ की गई है और फिर उन्हें मंगलवार रात राष्ट्रीय राजधानी लाया गया। बता दें कि एजेंसी इस बात की जांच कर रही है कि कहीं यस बैंक और डीएचएफएल घोटाले के तार महाराष्ट्र के दूसरे बड़े बिल्डरों से तो नहीं जुड़े हैं। एजेंसी ने इस मामले में 30 अप्रैल को राज्य के कुछ बड़े बिल्डरों के परिसरों की तलाशी ली थी।