विश्व बैंक के भारत प्रमुख जुनैद कमाल अहमद को ऋण देने के इस अंतरराष्ट्रीय संस्थान का उपाध्यक्ष नियुक्त किया गया है। एक आधिकारिक विज्ञप्ति के अनुसार, अहमद उपाध्यक्ष, ऑपरेशंस के तौर पर बहुपक्षीय निवेश गारंटी एजेंसी (एमआईजीए) का नेतृत्व करेंगे। वह दूसरे बांग्लादेशी नागरिक हैं जिन्हें विश्व बैंक के इतिहास में इतने बड़े पद पर नियुक्त किया गया है। अहमद 18 अप्रैल से नया पद संभालेंगे।
इससे पहले फैसल चौधरी पहले बांग्लादेशी नागरिक थे जो ऑपरेशंस, उपाध्यक्ष बने थे। अहमद ने कहा, हमारी (विश्व बैंक) भारत के साथ साझेदारी दुनियाभर की चीजों को सीखने और साझा करने दे रही है। सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि जैसे ही भारत का आर्थिक विकास होता है तो वैश्विक वृद्धि और गरीबी पर असर सबसे अहम है।
उन्होंने कहा, भारत न सिर्फ तकनीकी-प्रौद्योगिकी बल्कि कृषि और दूसरे उत्पादों में भी दुनिया का अग्रणी देश है। ऐसे में भारत के साथ काम करके विश्व बैंक को हमेशा संतुष्टि होती है। भारत ने जिस तरह महामारी के दिनों में संघर्ष किया और दूसरे देशों को टीका पहुंचाया वह काबिले तारीफ था।
सितंबर 2016 से भारत में विश्व बैंक के निदेशक
जुनैद कमाल अहमद भारत में वर्ष 2016 से विश्व बैंक के निदेशक रहे हैं। उन्होंने कहा कि विकास को वित्तपोषण देने में चुनौती दीर्घकालीन पूंजी बाजार को जुटाने में है। उन्होंने कहा, अगर आप विकास की चुनौतियों को देखे, चाहे वह महामारी से निपटना हो, जलवायु परिवर्तन से निपटना या बुनियादी ढांचे से निपटना हो, तो इन सभी में दीर्घकालीन धन की आवश्यकता होगी। भारत की भूमिका इनमें सकारात्मक है।