औद्योगिक इकाईयों या अन्य जगह पर काम करने वाले मजदूरों को चेक या फिर ऑनलाइन माध्यमों से मजदूरी का भुगतान करना पड़ेगा। राष्ट्रपति ने संसद द्वारा पारित पेमेंट ऑफ वेज (संशोधन) विधेयक पर अपनी मंजूरी दे दी है।
यह विधेयक अभी हाल में बजट सत्र में पास हुआ था। इस कानून के बन जाने के बाद देश में मौजूद सभी कंपनियों और औद्योगिक इकाईयों को अपने यहां पर काम करने वाले मजदूरों को चेक या फिर ऑनलाइन ट्रांसफर के जरिए मजदूरी देना अनिवार्य हो जाएगा।