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Women’s Day: घर संभालने के साथ-साथ घर खरीदारी में बढ़ रही महिलाओं की हिस्सेदारी, जानिए क्या कहते हैं आंकड़े

Sat, 08 Mar 2025 04:12 PM IST
द बोनस द बोनस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

स्क्वायर यार्ड्स की हालिया रिपोर्ट 'की होल्डर्स ऑफ चेंज- विमेन ड्राइविंग रियल एस्टेट ग्रोथ एंड ट्रांसफॉर्मेशन' के अनुसार, 2024 में देश के प्रमुख शहरों में कुल 5.77 लाख आवासीय लेनदेन किए गए, जो पिछले साल की तुलना में 4 फीसदी अधिक है। आइए इस बारे में विस्तार से जानें।
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द बोनस - फोटो : amarujala.com
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विस्तार
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भारत में रियल एस्टेट बाजार में एक उल्लेखनीय बदलाव देखने को मिल रहा है, जहां महिलाएं अब गृहस्वामित्व में अग्रणी भूमिका निभा रही हैं। एक हालिया रिपोर्ट के अनुसार, साल दर साल घर खरीदने वाली महिलाओं की संख्या बढ़ रही है। इसके चलते कुल घर खरीदारों में महिला खरीदारों की हिस्सेदारी भी लगातार बढ़ रही है।

ऐसे बढ़ी महिलाओं की हिस्सेदारी

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स्क्वायर यार्ड्स की हालिया रिपोर्ट 'की होल्डर्स ऑफ चेंज- विमेन ड्राइविंग रियल एस्टेट ग्रोथ एंड ट्रांसफॉर्मेशन' के अनुसार, 2024 में देश के प्रमुख शहरों में कुल 5.77 लाख आवासीय लेनदेन किए गए, जो पिछले साल की तुलना में 4 फीसदी अधिक है। इनमें से 1.29 लाख लेनदेन अकेले महिलाओं द्वारा किए गए, जो 2023 की तुलना में 14 फीसदी की वृद्धि है। इस वृद्धि ने महिलाओं की कुल आवासीय लेनदेन में हिस्सेदारी को 2023 के 20 फीसदी से बढ़ाकर 2024 में 22 फीसदी तक पहुंचा दिया।

महिला दिवस के मौके पर आई रिपोर्ट
रिपोर्ट में बताया गया कि है पुरुष खरीदारों द्वारा किए गए अकेले लेनदेन में 11 फीसदी की वृद्धि हुई। ऐसे सौदों की संख्या 2023 में 1.96 लाख थी, जो बढ़कर 2024 में 2.18 लाख हो गई। हालांकि, संयुक्त स्वामित्व (पुरुष और महिला) वाले लेनदेन में इस दौरान 7 फीसदी की कमी आई, लेकिन यह अभी भी कुल सौदों में 40 फीसदी हिस्सा रखता है। यह रिपोर्ट अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस से ऐन पहले आई है। दुनिया भर में हर साल 8 मार्च को महिला दिवस मनाया जाता है।

महिलाओं में गृहस्वामित्व बढ़ने के लिए कई कारण जिम्मेदार हैं। इनमें सरकारी प्रोत्साहन प्रमुख हैं। सरकार ने महिलाओं को स्टांप ड्यूटी में 1-3 फीसदी तक की रियायतें दी है। इसके अलावा पंजीकरण शुल्क में 0.5-1 फीसदी तक की छूट भी महिलाओं को दी जाती है। इससे महिलाओं के लिए घर खरीदना सस्ता हुआ है। इसके अलावा, प्रमुख बैंक महिलाओं के लिए होम लोन की ब्याज दरों में 0.05 फीसदी की छूट ऑफर करते हैं। आयकर अधिनियम की धारा 80सी और 80ईई के तहत मिलने वाले छूट भी इसमें मददगार साबित हो रहे हैं।

इन शहरों के विश्लेषण पर तैयार हुई रिपोर्ट

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स्क्वायर यार्ड्स की इस रिपोर्ट में मुंबई, नवी मुंबई, ठाणे, पुणे, बेंगलुरु, हैदराबाद, नोएडा, ग्रेटर नोएडा और गाजियाबाद जैसे प्रमुख शहरों का विश्लेषण किया गया। इन शहरों में महिलाओं द्वारा घर की खरीदारी में तेजी देखी गई है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह न केवल वित्तीय स्वतंत्रता का संकेत है, बल्कि इससे सामाजिक मानदंडों में बदलाव का भी पता चलता है।

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