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Women’s Day: यूनिकॉर्न कंपनियों के बोर्ड में नगण्य है महिलाओं की हिस्सेदारी, रिपोर्ट में सामने आए चौंकाने वाले

Sat, 08 Mar 2025 04:10 PM IST
द बोनस द बोनस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

Women’s Day: प्राइवेटसर्कल रिसर्च ने अपनी इस रिपोर्ट में भारतीय यूनिकॉर्न कंपनियों में लैंगिक विविधता को लेकर चौंकाने वाले आंकड़े पेश किए हैं। इस रिपोर्ट के अनुसार, भारत की 116 यूनिकॉर्न कंपनियों में कुल 1,314 बोर्ड सीट हैं और उनमें से केवल 76 सीट पर महिलाएं हैं। आइए इस बारे में विस्तार से जानें।
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द बोनस - फोटो : amarujala.com
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विस्तार
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स्टार्टअप कंपनियों को विविधता के पैमाने पर पारंपरिक कंपनियों से बेहतर मान लिया जाता है, लेकिन यह सच नहीं है। कम से कम लैंगिक विविधता के मामले में तो स्टार्टअप कंपनियों की स्थिति पारंपरिक कंपनियों की तुलना में बहुत खराब है। यह खुलासा हुआ है प्राइवेटसर्कल रिसर्च की एक हालिया रिपोर्ट, जिसे अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के ऐन पहले जारी किया गया है।

प्राइवेटसर्कल रिसर्च की रिपोर्ट

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प्राइवेटसर्कल रिसर्च ने अपनी इस रिपोर्ट में भारतीय यूनिकॉर्न कंपनियों में लैंगिक विविधता को लेकर चौंकाने वाले आंकड़े पेश किए हैं। इस रिपोर्ट के अनुसार, भारत की 116 यूनिकॉर्न कंपनियों में कुल 1,314 बोर्ड सीट हैं और उनमें से केवल 76 सीट पर महिलाएं हैं। यानी देश की 116 यूनिकॉर्न कंपनियों के बोर्ड में महिलाओं की हिस्सेदारी सिर्फ 5.8 फीसदी है। डेलॉइट की 'वूमन इन द बोर्डरूम: ए ग्लोबल पर्सपेक्टिव' रिपोर्ट के अनुसार, यह आंकड़ा भारतीय उद्योग जगत (इंडिया इंक) में 18.3 फीसदी और वैश्विक औसत 23.3 फीसदी है। यानी यूनिकॉर्न स्टार्टअप कंपनियों में नेतृत्व की भूमिकाओं में महिलाओं की हिस्सेदारी पारंपरिक कंपनियों और वैश्विक औसत दोनों की तुलना में बहुत कम है।

किन कंपनियों को कहा जाता है यूनिकॉर्न?
इंडिया इंक में वैसी कंपनियों को रखा गया है, जो शेयर बाजार में सूचीबद्ध हैं। हालिया सालों में स्टार्टअप कंपनियों के सूचीबद्ध होने में तेजी आई है, लेकिन ओवरऑल शेयर बाजार की सूचीबद्ध कंपनियों में स्टार्टअप की हिस्सेदारी न के बराबर है। वहीं यूनिकॉर्न वैसी स्टार्टअप कंपनियों को कहा जाता है, जो शेयर बाजार में सूचीबद्ध नहीं हुई हैं और जिनका मूल्यांकन 1 अरब डॉलर के पार निकल गया है। अभी भारत में इस तरह की 116 यूनिकॉर्न स्टार्टअप कंपनियां हैं।

सिर्फ 13 कंपनियों में 1 से ज्यादा महिला निदेशक

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प्राइवेटसर्कल रिसर्च की रिपोर्ट में यह भी खुलासा हुआ है कि 116 में से 56 यूनिकॉर्न कंपनियों में कम से कम एक महिला निदेशक मौजूद हैं। यानी 48 फीसदी यूनिकॉर्न कंपनियों के बोर्ड में कम से कम एक महिला निदेशक हैं। वहीं केवल 13 कंपनियों में एक से अधिक महिला निदेशक हैं। यानी एक से ज्यादा महिला निदेशक वाली यूनिकॉर्न स्टार्टअप कंपनियों की संख्या सिर्फ 13 है। इससे पता चलता है कि यूनिकॉर्न कंपनियों को लैंगिक अंतर को पाटने की दिशा में प्रयास तेज करने की जरूरत है और उन्हें अभी लंबा रास्ता तय करना बाकी है।


सबसे अच्छी है वित्त क्षेत्र की स्थिति
प्राइवेटसर्कल के विश्लेषण के अनुसार, वित्त क्षेत्र की यूनिकॉर्न कंपनियों में सबसे अधिक 16 महिला निदेशक हैं। इसके बाद सॉफ्टवेयर (8), रिटेल (7), बीमा (5), यात्रा एवं आतिथ्य (5) और उभरती प्रौद्योगिकी (4) क्षेत्र की यूनिकॉर्न कंपनियां हैं। कुछ कंपनियां जैसे कि सी।ई। इन्फो सिस्टम्स लिमिटेड (मैपमाईइंडिया), इनक्रेड फाइनेंशियल सर्विसेज लिमिटेड, मोबिक्विक, पॉलिसी बाजार, नायका, जोमैटो और फ्रैक्टल एनालिटिक्स ने बोर्ड में तीन-तीन महिला निदेशकों को शामिल कर एक सकारात्मक उदाहरण पेश किया है।

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