सरकार द्वारा महिलाओं के लिए उज्ज्वला योजना, मातृ वंदना योजना और पीएम आवास योजना जैसी महिला-केंद्रित योजनाएं शुरू की गईं हैं। ये उन्हें कई लाभ प्रदान करती हैं, इससे चुनावों में उनकी अधिक भागीदारी सुनिश्चित हुई है।
2024 के आम चुनावों के दौरान साल 2019 के चुनावों की तुलना में मतदाताओं की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज हुई है। चुनाव आयोग के आंकड़ों के अनुसार, 2024 में पहले चार चरणों में कुल 45.1 करोड़ मतदाताओं ने मतदान किया, जबकि 2019 में इस दौरान 42.6 करोड़ मतदाताओं ने मतदान किया था। जो 2.5 करोड़ मतदाताओं की वृद्धि का संकेत देता है। वहीं दूसरी ओर पुरुष मतदाताओं की तुलना में महिला मतदाताओं की संख्या में 93.6 लाख की वृद्धि आई है। यह भारतीय राजनीति में बदलाव का संकेत हैं और लोकतंत्र में महिलाओं की मजबूत भागीदारी की ओर इशारा करता है। इसकी पुष्टि एसबीआई रिसर्च की एक रिपोर्ट में भी की गई है।
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महिला मतदाताओं की संख्या बढ़ने का यह है कारण
एसबीआई रिसर्च के मुख्य आर्थिक सलाहकार सौम्य कांति घोष के अनुसार सरकार की ओर से महिलाओं के लिए तीन प्रमुख योजनाओं को पेश किए जाने की वजह से वोटिंग में उनकी भागीदारी बढ़ी है। उज्ज्वला योजना, मातृ वंदना योजना और पीमए आवास योजना का ग्रामीण क्षेत्रों में जमीनी स्तर पर महत्वपूर्ण प्रभाव पड़ा है। यह महिला-केंद्रित योजनाएं हैं जो महिलाओं के लिए कई लाभ प्रदान करती हैं। इससे चुनावों में उनकी भागीदारी सुनिश्चित हुई है। पिछले चुनावों में भी महिला मतादाताओं ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। इस बार भी यह एक बड़ा फैक्टर बन सकता है, जिसको नजरअंदाज नहीं किया जा सकता।
महिला मतदाताओं की संख्या 93.6 लाख बढ़ी
चुनाव आयोग और एसबीआई रिसर्च के आंकड़ों के अनुसार 2024 के आम चुनावों के पहले चार चरणों में करीब 45.1 करोड़ मतदाताओं ने वोट डाले (2019 में समान संसदीय निर्वाचन क्षेत्रों/पीसी में 42.6 करोड़ मतदाताओं की तुलना में), इस दौरान कुल मिलाकर 66.95 प्रतिशत मतदान हुआ। योग के अंतिम विश्लेषण के अनुसार (इसमें डाक, सेना आदि जैसे अन्य सभी वोटों का हिसाब नहीं लिया गया है), कुल मिलाकर मतदाताओं की वृद्धि 2.5 करोड़ है। घोष ने बताया कि इन 2.5 करोड़ मतदाताओं में से महिला मतदाताओं की संख्या में 93.6 लाख की वृद्धि हुई, जबकि पुरुष मतदाताओं की संख्या में 84.7 लाख की वृद्धि हुई। इस वजह से महिला मतदाता निर्णायक रूप से पुरुषों से आगे निकल गईं हैं। प्रत्येक 100 पुरुष मतदाताओं पर 110 महिला मतदाता हैं।
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कर्नाटक और तेलंगाना में सबसे अधिक बढ़े महिला वोटर
रिपोर्ट से पता चला है कि, कर्नाटक में 2024 में मतदाताओं की संख्या में सबसे अधिक वृद्धि हुई, जिसमें 35.5 लाख लोग शामिल हुए। इनमें से महिला मतदाताओं की संख्या 20.6 लाख है, जो कुल वृद्धि का 58 प्रतिशत है। इसी तरह, तेलंगाना में भी मतदाताओं की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि देखी गई, 2019 के आंकड़ों की तुलना में 31.9 लाख की वृद्धि हुई। इसके विपरीत, केरल में 2024 में मतदाताओं की संख्या में सबसे अधिक गिरावट देखी गई, जिसमें 5.3 लाख लोगों की कमी हुई, इसके बाद मणिपुर में 3.4 लाख मतदाताओं की गिरावट आई। 2024 के आम चुनावों के चार पूर्ण चरणों के भीतर, कुल मिलाकर 66.95 प्रतिशत मतदान हुआ है। अभी दो चरणों यानी 25 मई और 1 जून को छठे और सातवें चरण के चुनाव होने बाकी हैं।