प्रोटेक्शन और स्वास्थ्य बीमा के लिए बेहत कर लाभ
बीमा की पहुंच बढ़ाने और 2047 तक सभी के लिए बीमा के विजन को पाने के लिए जीवन बीमा और स्वास्थ्य बीमा पर टैक्स बेनिफिट्स यानी लाभ को बढ़ाने पर सरकार इस बजट में विचार करेगी ऐसी उम्मीद बीमा उद्योग को है। विशेष रूप मौजूदा लिमिट बढ़ाने या जीवन बीमा प्रीमियम के लिए एक अलग डेडिकेटेड सेक्शन शुरू करने की सलाह उद्योग दे रहा है। उद्योग का कहना है, इन कर लाभ को पुराने और नए दोनों कर प्रणाली में शामिल किया जाए, इससे बीमा पहुंच सभी के लिए बढ़ेगी और यह किफायती भी होगा।
एन्युटी प्लान पर टैक्स राहत
उद्योग और बीमा जानकारों का कहना है, भारत में रिटायरमेंट सेविंग्स में अंतर बढ़ रहा है, जिससे 2050 तक 85 ट्रिलियन अमेरिकी डॉलर तक पहुंचने का अनुमान है। इस अंतर को भरने के लिए कुछ करना होगा। सरकार इस साल बजट में सभी पेंशन और एन्युटी उत्पादों पर 50,000 रुपये की छूट को बढ़ा सकती है। एन्युटी पेमेंट पर कर कम किया जा सकता है, जिससे रिटायरमेंट आय अधिक टैक्स एफिशिएंट और सेवर्स के लिए आकर्षक हो जाएगी। इसके साथ ही इन उत्पादों के लिए कर लाभ को आसान बनाने और बढ़ाने से अधिक भारतीय लॉन्ग टर्म इनकम सिक्योरिटी में निवेश करने के लिए प्रोत्साहित होंगे।
यूलिप के लिए टैक्स प्री मैच्योरिटी के लिए प्रीमियम कैप बढ़ाकर 5 लाख करने की मांग
उद्योग का कहना है, हमें उम्मींद है कि इस साल बजट में यूलिप कैप को पारंपरिक उत्पाद की तरह ही बढ़ाकर 5 लाख रुपये दिया जाएगा। वर्तमान समय में यूलिप में फ्री मैच्योरिटी के लिए सालाना प्रीमियक का कैप 2.5 लाख रुपये है।