जेट एयरवेज के बंद होने के बाद केंद सरकार ने नियमों के तहत सभी तरह की मदद करेंगे ताकि कंपनी फिर से अपनी सेवाओं को चालू कर सके। नागर विमानन मंत्रालय ने कहा है कि इसके अलावा यात्रियों की भी हर तरह से मदद की जाएगी।
मंत्रालय ने कहा है कि जिन यात्रियों ने पहले से जेट एयरवेज का टिकट बुक करा रखा है, उनको टिकट का रद्दीकरण, रिफंड या फिर दूसरी एयरलाइंस पर शिफ्ट करने के लिए डीजीसीए नजर बनाए हुए है।
मंत्रालय ने कहा है कि जेट एयरवेज के सभी यात्री अपनी समस्याओं को #AirSewa पोर्टल या फिर मोबाइल ऐप पर कर सकते हैं। सरकार शिकायतों का जल्द समाधान करने के लिए प्रतिबद्ध है। भारी कर्ज में फंस चुकी जेट एयरवेज कंपनी के 5 ही विमान इस समय संचालन में थे। 25 साल पुरानी एयरलाइन कंपनी पर 8 हजार करोड़ रुपये से अधिक का कर्ज है।
17 अप्रैल 2019 की तारीख देश के विमानन इतिहास में याद रखी जाएगी। दरअसल आज ही जेट एयरवेज का आखिरी विमान उड़ान भरेगा। इसके बाद अनिश्चितकाल के लिए इस कंपनी की सेवाएं बंद हो रही हैं। आर्थिक तंगी झेल रही जेट को स्टेट बैंक की अगुवाई वाले बैंकों के समूह ने और कर्ज देने से मना कर दिया। जिसके बाद कंपनी को यह कदम उठाना पड़ा। अब अहम सवाल यह है कि जेट एयरवेज का टिकट खरीद चुके यात्री क्या करेंगे। जिन यात्रियों ने जेट एयरवेज से टिकट बुक कराया है उनके पास क्या विकल्प हैं या फिर उन्हें रिफंड कैसे मिलेगा।