भारतीय टेलीकॉम सेक्टर में जब से मुकेश अंबानी की रिलायंस जियो ने प्रवेश किया है, तब से सेक्टर में प्राइस वॉर शुरू हो गया है। ज्यादा से ज्यादा ग्राहकों को लुभाने के लिए कंपनियां आए दिन कोई ना कोई नया प्लान लांच करती रहती है। ऐसे में लोगों को तो सस्ते में अच्छा डाटा प्लान मिल जाता है लेकिन इससे कंपनियों के मुनाफे पर असर पड़ा है।
अब एड्लवाइज की रिपोर्ट से बात सामने आई है कि भारत में 2019-20 की दूसरी छमाही में टेलीफोन सेवाएं महंगी हो सकती हैं। रिपोर्ट में कहा गया है कि मोबाइल ब्रॉडबैंड सेवाएं अब इस स्तर तक हो गई हैं कि इसमें तेज ग्रोथ की ज्यादा उम्मीद नहीं है। इसके चलते अब टेलिकॉम कंपनियां टैरिफ बढ़ाने पर ध्यान देंगी।
बता दें कि दूरसंचार कंपनी रिलायंस जियो परिचालन शुरू करने के ढाई साल में ही 30 करोड़ उपभोक्ताओं के आंकड़े को पार कर गयी है। सूत्रों ने इसकी जानकारी दी है। सूत्रों ने बताया कि कंपनी ने यह महत्वपूर्ण आंकड़ा दो मार्च को ही हासिल कर लिया था। हालांकि जियो को इस बाबत भेजे गए सवाल का अब तक जवाब नहीं मिल सका है। कंपनी इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) के मौजूदा सत्र में विज्ञापनों के दौरान भी 30 करोड़ ग्राहकों का लक्ष्य पाने का जश्न मनाते दिखी थी।
दिसंबर 2018 को समाप्त तिमाही के लिए अपनी आय रिपोर्ट में, भारती एयरटेल ने खुलासा किया था कि उसके 284 मिलियन ग्राहक थे। हालांकि, नियामक फाइलिंग के अनुसार, भारती एयरटेल ने दिसंबर में अपने नेटवर्क पर 340.2 मिलियन ग्राहक और जनवरी के अंत में 340.3 मिलियन ग्राहक होने की सूचना दी थी।
31 अगस्त, 2018 को वोडाफोन इंडिया और आइडिया सेल्युलर के मोबाइल कारोबार के विलय के बाद 400 मिलियन ग्राहकों के साथ वोडाफोन आइडिया देश की सबसे बड़ी दूरसंचार कंपनी बन गई है।