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Rajeev Jain: कौन हैं जीक्यूजी के राजीव जैन, जो अदाणी समूह में 15,446 करोड़ के शेयर खरीदकर 'संकटमोचक' बने

Mon, 06 Mar 2023 01:53 PM IST
विवेक दास बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

Rajeev Jain: राजीव जैन जीक्यूजी पार्टनर्स के चेयरमैन और चीफ इंवेस्टमेंट ऑफिसर हैं। वे जीक्यूजी के लिए निवेश की रणनीति तैयार करते हैं। जीक्यूजी से पहले वे वॉनटोबेल एसेट मैनेजमेंट के चीफ इन्वेस्टमेंट ऑफिसर के रूप में भी काम कर चुके हैं।
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राजीव जैन, जीक्यूजी - फोटो : Social Media
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विस्तार
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अदाणी समूह के प्रमोटरों ने अमेरिका की वैश्विक इक्विटी-निवेश कंपनी जीक्यूजी पार्टनर्स को 15,446 करोड़ रुपये की हिस्सेदारी बेच दी। बता दें कि बीते 24 फरवरी को अदाणी समूह के संबंध में हिंडनबर्ग रिसर्च की ओर से एक रिपोर्ट सार्वजनिक होने के बाद समूह के सभी शेयर धराशायी हो गए थे। अब जीक्यूजी के निवेश की खबर के बाद समूह की कंपनियों ने फिर से हरे रंग में कारोबार करना शुरू कर दिया है। सोमवार को शुरुआती बढ़त के बाद अदाणी समूह के शेयरों में बिकवाली दिखी। हालांकि इस बीच एक नाम काफी चर्चा में है और वह नाम है दिग्गज निवेशक राजीव जैन का। उन्होंने जब से अदाणी समूह में एंट्री मारी है जब से समूह के शेयरों में निवेशकों की रुचि एक बार फिर बढ़ गई है।

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जीक्यूजी के लिए निवेश की रणनीति तैयार करते हैं राजीव जैन 
राजीव जैन जीक्यूजी पार्टनर्स के चेयरमैन और चीफ इंवेस्टमेंट ऑफिसर हैं। वे जीक्यूजी के लिए निवेश की रणनीति तैयार करते हैं। जीक्यूजी से पहले वे वॉनटोबेल एसेट मैनेजमेंट के चीफ इन्वेस्टमेंट ऑफिसर के रूप में भी काम कर चुके हैं। पोर्टफोलियो के रूप में उन्होंने वर्ष 1994 में काम करना शुरू किया था। उनके नेतृत्व में जीक्यूजी  निवेश क्षेत्र में 92 अरब डॉलर का पावरहाउस बन चुका है।

राजीव जैन ने 2016 में की थी जीक्यूजी की शुरुआत
ऐसे तो राजीव जैन का जन्म भारत में हुआ था पर वे 1990 में अमेरिका चले गए। वहां पहुंचकर उन्होंने मियामी यूनिवर्सिटी में एमबीए करने के लिए दाखिला लिया। साल 1994 में उन्होंने वॉनटोबेल ज्वाइन किया। 2002 तक वे कंपनी के चीफ इन्वेस्टमेंट मैनेजर बन गए। वर्ष 2016 में उन्होंने जीक्यूजी की शुरुआत की। उनके अगुवाई में वॉनटोबेल इमर्जिंग मार्केट ने दस वर्ष में 70 फीसदी तक का रिटर्न देने की उपलब्धि हासिल की। यह एमएससीआई के इमर्जिंग बाजारों से जुड़े फंड्स का लगभग दोगुना है। जीक्यूजी ने वर्ष 2021 में ऑस्ट्रेलिया में अपना आईपीओ लॉन्च किया और 893 मिलियन डॉलर की रकम जुटाई।

अदाणी समूह के पास बढ़िया असेट्स और वे शानदार वैल्यूऐशन पर उपलब्ध: राजीव जैन
बीते हफ्ते गुरुवार को अदाणी  समूह की ओर से बताया गया कि जीक्यूजी ने 15446 करोड़ रुपये का निवेश कर अदाणी समूह की चार कंपनियों में हिस्सेदारी खरीदी है। उसके बाद से अदाणी समूह के शेयरों में बढ़िया मजबूती दिखी। दूसरी ओर, ऑस्ट्रेलियन फाइनेशियल रिव्यू से बातचीत में राजीव जैन ने कहा कि अदाणी समूह के पास शानदार असेट्स हैं और उससे भी बढ़िया ये हैं कि वे बहुत ही आकर्षक वैल्यूएशन पर उपलब्ध है। बीते पांच वर्षों से उनकी नजर समूह के शेयरों पर थी पर तब वे महंगे थे। राजीव जैन ने भरोसा जताया है कि समूह में उनका निवेश सकारात्मक साबित होगा। जैन के मुताबिक भारत में 25 फीसदी एयर ट्रैफिक अदाणी समूह की ओर से संचालित हवाई अड्डों से गुजरते हैं। कार्गो वॉल्यूम में भी 25 से 40 फीसदी तक अदाणी समूह की कंपनी अदाणी पोर्ट्स की हिस्सेदारी है।
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तेल, तंबाकू और बैकिंग जैसे कारोबार पर दांव लगाते हैं राजीव जैन
उनके लिंक्डइन प्रोफाइल के अनुसार, राजीव जैन जीक्यूजी की लॉन्ग-ओनली इक्विटी रणनीतियों के लिए पोर्टफोलियो मैनेजर और एक विश्लेषक के रूप में भी काम करते हैं। उनके अधिकांश सफल निवेश दांव तेल, तंबाकू और बैंकिंग जैसे पारंपरिक व्यावसायों में हैं। ऑस्ट्रेलियाई स्टॉक एक्सचेंज पर जीक्यूजी की फाइलिंग के अनुसार, जहां यह अक्टूबर 2021 में लिस्ट हुआ था, जैन के पास कंपनी की 69% हिस्सेदारी है जिसका मूल्य लगभग 2 अरब डॉलर है।
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