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Jensen Huang: कौन हैं जेनसेन हुआंग? जिन्होंने इस मामले में दुनिया के सबसे अमीर आदमी को भी छोड़ दिया पीछे

Sun, 24 Nov 2024 08:56 AM IST
शिव शुक्ला बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

ताइवान में जन्मे हुआंग नौ साल की उम्र से अमेरिका में पले-बढ़े हैं। उन्होंने ओरेगॉन स्टेट यूनिवर्सिटी और स्टैनफोर्ड यूनिवर्सिटी में पढाई की। जहां से उन्होंने इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग में विशेषज्ञता हासिल की।
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इस मामले में जेनसेन हुआंग ने मस्क को छोड़ा पीछे। - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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दिग्गज कारोबारी और टेस्ला के सीईओ भले ही दुनिया के सबसे अमीर आदमी हो सकते हैं, लेकिन एक और शख्स है जिसने साल 2024 में सबसे ज्यादा कमाई करने के मामले में उन्हें पीछे छोड़ दिया है। ऐसा करने वाले व्यक्ति का नाम है जेनसेन हुआंग। हो सकता है कि आपने पहले ये नाम न सुना हो। लेकिन शायद आपने एनवीडिया का नाम तो सुना होगा। समझाने के लिए आसान बात कहूं तो एनवीडिया आपके कंप्यूटर के लिए ग्राफिक कार्ड बनाने वाली कंपनी है और इसी कंपनी के सीईओ हैं जेनसेन हुआंग। 

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2024 में की सबसे ज्यादा कमाई
फोर्ब्स के अनुसार,  हुआंग की वार्षिक कमाई 2023 में 21.1 बिलियन डॉलर से बढ़कर 2024 में 77 बिलियन डॉलर हो गई। यह मस्क की वार्षिक आय में 15 बिलियन डॉलर की लगभग चार गुना वृद्धि थी। यह 2023 में 180 बिलियन डॉलर से बढ़कर 2024 में 195 बिलियन डॉलर हो गई। साल 2024 की कमाई के बाद हुआंग की कुल संपत्ति अब $123.8 बिलियन डॉलर हो गई है। इसके बाद वह फोर्ब्स की रियल-टाइम अरबपतियों की सूची में नौवें नंबर पर आ गए।

इस साल रिकॉर्ड ऊंचाई पर पहुंचे एनवीडिया के शेयर 
इस साल एनवीडिया के शेयर रिकॉर्ड ऊंचाई पर पहुंच गए हैं। इस बढ़ोतरी से हुआंग की संपत्ति में महत्वपूर्ण योगदान दिया।  एनवीडिया का मार्केट कैप करीब 3.5 ट्रिलियन डॉलर है। इस साल की शुरुआत में $713 मिलियन मूल्य के एनवीडिया स्टॉक बेचने के बाद भी हुआंग कंपनी के सबसे बड़े शेयरधारक बने हुए हैं। गौरतलब है कि एनवीडिया के पास एआई एक्सेलेरेटर में 80 प्रतिशत बाजार हिस्सेदारी है, जो अमेज़ॅन, गूगल, मेटा, माइक्रोसॉफ्ट और यहां तक कि टेस्ला जैसे तकनीकी दिग्गजों द्वारा उपयोग किए जाने वाले अत्याधुनिक एआई अनुप्रयोगों के लिए महत्वपूर्ण है।
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इस कारण लगातार बढ़ रही एनवीडिया के शेयरों की कीमत
लेकिन ऐसा क्या है जो एनवीडिया को आगे बढ़ा रहा है। ऐसा क्या है जिसकी वजह से एनवीडिया का मार्केट कैप इतना हो गया है। इसको समझने के लिए कंप्यूटर को समझना होगा। दरअसल कंप्यूटर में एक CPU होता है यानी सेंट्रल प्रोसेसिंग यूनिट। इसको कंप्यूटर का दिमाग माना जाता है। इसमें एक प्रोसेसर की जरूरत होती है। प्रोसेसर को इंटेल और एएमडी जैसी कंपनियां तैयार करती हैं... कंप्यूटर में CPU की तरह ही एक और बेहद खास चीज का इस्तेमाल होता है जिसे GPU कहा जाता है यानि ग्राफिक्स प्रोसेसिंग यूनिट। यूं समझिए कि आपको अपनी स्क्रीन पर जो तस्वीरें, ग्राफिक्स और वीडियो आदि दिखाई देते हैं, उसमें इस GPU का बड़ा हाथ होता है... लेकिन ये तो GPU का केवल एक इस्तेमाल था। GPU की असली ताकत पता चला आर्टिफीशियल इंटेलीजेंस के दौर में। 

जब चैट जीपीटी और गूगल जैमिनी जैसे टूल्स को बनाया जाता है, तब बहुत अधिक संख्या में GPU का इस्तेमाल किया जाता है और जैसे-जैसे दुनिया भर में आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस की मांग बढ़ रही है, वैसे-वैसे GPU की भी मांग भी बढ़ रही है। एनवीडिया इसी GPU को बनाने वाली कंपनी है। शायद अब आप समझ रहे होंगे कि ये कंपनी कैसे दुनिया की दूसरी सबसे मूल्यवान कंपनी बन गई है।

कौन हैं जेनसेन हुआंग
चलिए अब आपको जेनसेन हुआंग के बारे में बताते हैं। ताइवान में जन्मे हुआंग नौ साल की उम्र से अमेरिका में पले-बढ़े हैं। उन्होंने ओरेगॉन स्टेट यूनिवर्सिटी और स्टैनफोर्ड यूनिवर्सिटी में पढाई की। जहां से उन्होंने इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग में विशेषज्ञता हासिल की। हुआंग ने 5 अप्रैल 1993 को अपने दो साथियों के साथ मिलकर एनवीडिया को बनाया था।  उनकी इस कंपनी का मुख्यालय अमेरिका के कैलिफोर्निया में है। भारत में भी ये कंपनी पिछले 20 सालों से काम कर रही है और देश में इसके करीब 3000 कर्मचारी हैं।  दुनियाभर में जितने GPU इस्तेमाल होते हैं उनमें से करीब 88 फीसदी एनवीडिया के ही होते हैं। चैटजीपीटी को बनाने में 10 हजार ग्राफिक चिप लगे हैं और से सभी एनवीडिया के ही हैं। 

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