पश्चिम एशिया में जारी युद्ध को एक महीना पूरा होने के बीच सोमवार को वैश्विक तेल बाजार में गिरावट देखने को मिली। वैश्विक तेल मानक ब्रेंट क्रूड की कीमत 2.32 प्रतिशत गिरकर 115.3 अमेरिकी डॉलर प्रति बैरल हो गई।
इस महीने अब तक ब्रेंट क्रूड करीब 59% चढ़ चुका है, जो 1990 के गल्फ वॉर के बाद सबसे तेज मासिक बढ़त मानी जा रही है। कीमतों में यह तेजी तब आई जब ईरान ने रणनीतिक रूप से अहम होर्मुज जलडमरूमध्य पर दबाव बढ़ाया, जहां से दुनिया की लगभग 20% तेल और गैस आपूर्ति गुजरती है।
संघर्ष 28 फरवरी को अमेरिका और इस्राइल के ईरान पर हमलों से शुरू हुआ था, जो अब पूरे पश्चिम एशिया में फैल चुका है। सप्ताहांत में ईरान समर्थित यमन के हूती विद्रोहियों ने इस्राइल पर हमले किए, जिससे रेड सी और अरब सागर के अहम शिपिंग रूट्स को लेकर चिंता और बढ़ गई है।
इस बीच, अमेरिका ने क्षेत्र में अपनी सैन्य मौजूदगी और बढ़ा दी है। यूएस सेंट्रल कमांड के अनुसार, यूएसएस त्रिपोली पर सवार करीब 3,500 मरीन और नाविकों की तैनाती की गई है। इसे पिछले दो दशकों में क्षेत्र में अमेरिका की सबसे बड़ी सैन्य तैनाती में से एक माना जा रहा है।