निवेश जगत के दिग्गज और 'ऑरेकल ऑफ ओमाहा' के नाम से मशहूर 96 वर्षीय वॉरेन बफेट ने बर्कशायर हैथवे के एग्जीक्यूटिव चेयरमैन पद से हटने का एलान कर दिया है। वर्ष 1965 से 60 से अधिक वर्षों तक कंपनी का नेतृत्व करने वाले बफेट की जगह अब उनके बेटे हावर्ड बफेट कंपनी के चेयरमैन होंगे। बफेट ने शेयरधारकों को एक विदाई पत्र जारी कर इस बदलाव के बारे में आधिकारिक तौर पर बताया।
वॉरेन बफेट ने हाल ही में परिजनों और दोस्तों के साथ अपना 96वां जन्मदिन मनाया है। अपने विदाई पत्र में बफेट ने स्पष्ट किया कि 60 से अधिक वर्षों तक सेवाएं देने के बाद अब उत्तराधिकार प्रक्रिया (लीडरशिप ट्रांजिशन) को पूरा करने का सही समय आ गया है। बफेट ने कहा, "समय का पहिया (फादर टाइम) हमेशा जीतता है, हालांकि वह मेरे प्रति काफी दयालु रहा है"।
उत्तराधिकार योजना के तहत बर्कशायर हैथवे के प्रबंधन और कॉर्पोरेट संस्कृति को बनाए रखने के लिए जिम्मेदारियों का स्पष्ट विभाजन किया गया है:
बफेट ने पत्र में लिखा कि ग्रेग कंपनी चलाएंगे और हावर्ड इसकी संस्कृति व मूल्यों की रक्षा करेंगे, जो बैलेंस शीट पर मौजूद किसी भी संपत्ति से अधिक मूल्यवान हैं।
वॉरेन बफेट ने अपने पत्र में बर्कशायर के असाधारण शेयरधारक आधार की सराहना की। उन्होंने अपने दिवंगत साथी चार्ली मुंगेर को याद करते हुए लिखा कि शुरुआत से ही दोनों ने ऐसे शेयरधारकों की तलाश की जो तिमाहियों के बजाय दशकों के नजरिए से सोचते थे।
बफेट के पत्र के मुख्य बिंदु निम्नलिखित हैं:
बर्कशायर हैथवे में यह नेतृत्व परिवर्तन अचानक नहीं हुआ है, बल्कि इसे एक सुदृढ़ और सोची-समझी रणनीति के तहत लागू किया गया है। ग्रेग एबेल को सीईओ के रूप में और हावर्ड बफेट को चेयरमैन बनाकर बफेट ने यह सुनिश्चित किया है कि कंपनी के परिचालन और सिद्धांतों में निरंतरता बनी रहे। हावर्ड बफेट का 33 वर्षों का बोर्ड अनुभव उन्हें कंपनी के मूल सिद्धांतों को बनाए रखने में मदद करेगा।