दुनिया का सबसे बड़ा कंटेनर जहाज एमएससी इरिना सोमवार को केरल के तिरुवनंतमपुरम में विझिनजाम अंतरराष्ट्रीय बंदरगाह पर पहुंचा। विझिनजाम अंतरराष्ट्रीय बंदरगाह को अदाणी समूह ने बनाया है। प्रधानमंत्री मोदी ने 2 मई को इसका उद्धघाटन किया। दुनिया के सबसे बड़े जहाज का आगमन नए बंदरगाह के लिए मील का पत्थर है।
जहाज की बर्थिंग शुरू
विझिनजाम बंदरगाह पर जहाज के लिए बर्थिंग प्रक्रिया शुरू हो गई। शिपिंग में बर्थिंग का मतलब है कि एक जहाज को बंदरगाह पर किसी खास जगह पर ले जाना, ताकि सामान उतारा या चढ़ाया जा सके। एक बार बर्थ पर पहुंचने के बाद, जहाज को लंगर से सुरक्षित रूप से बांध दिया जाता है।
एमएससी इरिना क्यों है खास?
इस जहाज को टीईयू ( 20 फुट इक्विवेलेंट यूनिट) क्षमता के आधार पर दुनिया का सबसे बड़ा कंटेनर पोत माना गया है। एमएससी इरिना की क्षमता 24,346 टीईयू है, जो इसे वैश्विक शिपिंग में एक बड़ा खिलाड़ी बनाती है। 399.9 मीटर की लंबाई और 61.3 मीटर की चौड़ाई के साथ, यह जहाज फीफा के फुटबॉल मैदान से लगभग चार गुना लंबा है। इसे खासतौर पर एशिया और यूरोप के बीच बड़ी मात्रा में कंटेनरों के परिवहन के लिए डिजाइन किया गया है। यह जहाज दक्षिण एशियाई बंदरगाह का दौरा करेगा।
विझिनजाम बंदरगाह ने हाल ही में दूसरे बड़े पोत जहाजों का स्वागत किया। इनमें एमएससी तुर्किये और एमएससी मिशेल कैपेलिनी सहित अन्य जहाज शामिल हैं। बंदरगाह समुद्री व्यापार में खुद को एक प्रमुख केंद्र के रूप में स्थापित कर रहा है।
राज्य के लिए ऐतिहासिक पल: मुख्यमंत्री विजयन
केरल के मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन ने एमएससी इरिना के आगमन को राज्य के लिए एतिहासिक पल बताया। उन्होंने सोशल मीडिया एक्स पर कहा कि यह विझिनजाम बंदरगाह की रणनीतिक वैश्विक भूमिका को रेखांकित करता है और विकास के हमारे सामूहिक सपने को गति देता है।
पहली बार किसी दक्षिण एशियाई देश के तट पर पहुंचा एमएससी: करण अदाणी
अदाणी पोर्ट्स एंड एसईजेड लिमिटेड के प्रबंध निदेशक करण अदाणी ने भी एक्स पर पोस्ट किया। उन्होंने कहा कि एमएससी इरिना का विझिनजाम बंदरगाह पर स्वागत करते हुए हमें गर्व हो रहा है। यह जहाज दक्षिण एशियाई तटों पर पहली बार आया है, जो न केवल विझिनजाम के लिए बल्कि वैश्विक ट्रांसशिपमेंट में एक प्रमुख खिलाड़ी के रूप में भारत के लिए एक मील का पत्थर है।