याजना से विभिन्न मुकदमों में लगने वाले समय और पैसे की बचत होगी। वर्तमान में आयुक्त (अपीली), आईटीएटी, उच्च न्यायालयों, सुप्रीम कोर्ट और कर वसूली न्यायाधिकरणों जैसे विभिन्न अपीली मंचों में 9.32 लाख करोड़ रुपये से संबंधित लगभग 4.83 लाख कर मामले लंबित हैं।
लोकसभा में प्रत्यक्ष कर विवाद से विश्वास विधेयक पेश करते हुए सीतारमण ने कहा, ‘इस योजना में विवादित कर के मामलों में समाधान के सभी विकल्प उपलब्ध कराए जाएंगे। इससे लोगों को खासा फायदा होगा, क्योंकि मामलों के निस्तारण में उनका खासा समय और पैसा लगता है।’ उन्होंने कहा कि सरकार ने मुकदमेबाजी कम करने के लिए कई उपाय किए हैं और अप्रत्यक्ष कर विवादों के लिए भी ऐसी ही एक योजना का एलान किया गया था।
प्रस्तावित योजना के अंतर्गत विवादों के निबटारे के इच्छुक करदाता अगर इस साल 31 मार्च तक कर की पूरी धनराशि का भुगतान करते हैं तो उन्हें ब्याज और जुर्माने से पूरी छूट दी जाएगी।
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