विभिन्न सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म और माइक्रोब्लॉगिंग साइट्स पर एक विवादित वीडियो वायरल हो रहा है, जिसमें दावा किया जा रहा है कि वह बैग और सूटकेस निर्माता कंपनी वीआईपी इंडस्ट्रीज के ब्रांड स्काई बैग का विज्ञापन है। इस वायरल वीडियो की सच्चाई जानने के लिए अमर उजाला ने पड़ताल की। इस क्रम में जब कंपनी से बात की गई तो उन्होंने वायरल वीडियो से किनारा करते हुए उसका खंडन किया। साथ ही इसे लेकर केरल और मुंबई पुलिस में मामला भी दर्ज कराया है।
वीडियो में क्या?
वायरल वीडियो में दो अलग-अलग समुदाय के लड़के और लड़की को दिखाया गया है। इसमें लड़का अपने हिसाब से लड़की के पहनावे में बदलाव की कोशिश करता दिख रहा है। वीडियो में लड़के को लड़की के माथे पर लगी बिंदी हटाते हुए भी देखा जा सकता है। इसी वीडियो के अंत में स्काई बैग के कई ट्रॉली बैग्स को भी दिखाया गया है। इसी को लेकर पूरा विवाद शुरू हुआ था। आरोप है कि विडियो के जरिए धार्मिक भावनाओं को आहत करने की कोशिश की गई है। अब कंपनी ने इससे किनारा करते हुए मामले की शिकायत भी कराई है।
कंपनी ने भी किया खंडन
कंपनी ने इसका खंडन करते हुए कहा है कि VIP विज्ञापन होने का दावा करने वाला यह वीडियो पूरी तरह से नकली और दुर्भावनापूर्ण है। कंपनी ने यह भी कहा है कि नकली वीडियो के निर्माता ने हमारी कंपनी, व्यवसाय और ब्रांड नाम वीआईपी और स्काई बैग की छवि को धूमिल करने के लिए वीआईपी इंडस्ट्रीज और स्काई बैग ब्रांड नामों का गैर-कानूनी रूप से उपयोग किया है। हमारी कंपनी का फर्जी वीडियो जारी करने वाले से कोई संबंध नहीं है।
बैग निर्माता कंपनी ने यह भी बताया कि वीआईपी इंडस्ट्रीज ने फर्जी विज्ञापन के मुद्दे को गंभीरता से लिया है। हमने वीआईपी ट्रेड नाम (वीआईपी और स्काई बैग) के अनुचित उपयोग के लिए मुंबई और केरल पुलिस के पास शिकायतें दर्ज की हैं। साथ ही वीआईपी ने मेटा इंडिया से वीडियो को तत्काल प्रभाव से हटाने का अनुरोध भी किया है।