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वाइब्रेंट गुजरात समिट: वैश्विक नेताओं ने फिर माना देश का लोहा, कहा- भारत कर रहा लोकतंत्र-अर्थव्यवस्था की अगुआई

Thu, 11 Jan 2024 05:15 AM IST
यशोधन शर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, गांधीनगर

सार

भारत इन मूल्यों का अग्रदूत है। इन मूल्यों को विश्वस्तर पर कायम करने में भारत की अहम भूमिका है। भारत ने हाल ही में जी-20 की अध्यक्षता के उत्कृष्ट कार्यान्वयन के साथ अपनी इस क्षमता को दर्शाया है।
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वाइब्रेंट गुजरात ग्लोबल समिट में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी - फोटो : ANI
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विस्तार
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भारत दुनिया में लोकतंत्र, कानून के शासन और अर्थव्यवस्था की अगुवाई कर रहा है। वाइब्रेंट गुजरात ग्लोबल समिट में शामिल हुए दुनियाभर के शीर्ष नेताओं ने भारत की सराहना करते हुए इसे निवेश के लिए बेहतरीन देश बताया। एस्टोनिया के आर्थिक कार्य व सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री तिइत रीसालो ने कहा कि हम यहां उन राष्ट्रों और क्षेत्रों के साथ मिलकर काम करने के लिए हैं, जो लोकतंत्र, कानून का शासन, बाजार अर्थव्यवस्था के मूल्यों को साझा करते हैं। भारत इन मूल्यों का अग्रदूत है। इन मूल्यों को विश्वस्तर पर कायम करने में भारत की अहम भूमिका है। भारत ने हाल ही में जी-20 की अध्यक्षता के उत्कृष्ट कार्यान्वयन के साथ अपनी इस क्षमता को दर्शाया है।

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कार उत्पादन में भारत श्रेष्ठ और सबसे प्रतिस्पर्धी देश
मोरक्को के उद्योग व वाणिज्य मंत्री रियाद मेजौर ने वाइब्रेंट गुजरात समिट को संबोधित करते हुए कहा कि कार उत्पादन में भारत दुनिया में श्रेष्ठ और सबसे प्रतिस्पर्धी देश है। इसके साथ ही उन्होंने मोरक्को और भारत के बीच एक मजबूत सहयोग का प्रस्ताव रखा, जो न केवल अफ्रीका और भारत में, बल्कि वैश्विक स्तर पर भी विकास को प्रोत्साहित कर सकता है। कहा कि हमारी रणनीतिक साझेदारी को संयुक्त पहल विकसित करने में भी सक्षम बनाना चाहिए, जिसमें औद्योगिकीकरण व विकासशील अर्थव्यवस्थाओं की प्रक्रिया में पूरे अफ्रीकी महाद्वीप को शामिल किया जाए, भोजन व स्वास्थ्य भी सुनिश्चित किया जाए। एजेंसी

हिंद-प्रशांत के जुड़ाव के लिए भारत-चेक गणराज्य प्रतिबद्ध
भारत और चेक गणराज्य संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता का सम्मान करते हुए खुले, स्वतंत्र, समावेशी और नियम-आधारित दृष्टिकोण के आधार पर हिंद प्रशांत क्षेत्र में गहन जुड़ाव के लिए प्रतिबद्ध हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और चेक गणराज्य के पीएम पेट्र फियाला की समिट से इतर हुई बैठक के बाद जारी साझा बयान में यह बात कही गई। दोनों प्रधानमंत्रियों ने द्विपक्षीय संबंधों को नए गुणात्मक स्तर पर उन्नत करने और साझा हितों को आगे बढ़ाने में रणनीतिक दृष्टिकोण के लाभ पहचानने की इच्छा जताई है।
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वैश्विक निवेश आकर्षित करने की मास्टरक्लास
ब्रिटिश विदेश मंत्री तारिक अहमद ने कहा कि यह सम्मेलन वैश्विक निवेश आकर्षित करने के लिए एक मास्टरक्लास की तरह है। इसके साथ ही ब्रिटिश प्रधानमंत्री ऋषि सुनक का अभिवादन प्रेषित करते हुए उन्होंने कहा कि दोनों देश भौगोलिक रूप से हजारों किमी दूर हो सकते हैं, लेकिन हमारे लोगों के बीच की गर्मजोशी, उस जीवंत पुल की तरह है, जो विशाल दूरी को कम करती है। उन्होंने कहा कि पीएम नरेंद्र मोदी ने भारत-ब्रिटेन के बीच लोगों की गर्मजोशी के जीवंत पुल को पुनःपरिभाषित किया है। उच्च शिक्षा संस्थानों के क्षेत्र में किए गए ज्ञापन समझौते ने दोनों देशों के बीच सहयोग को बढ़ाया है।  रचनात्मक अर्थव्यवस्था और सांस्कृतिक आदान-प्रदान के जरिये इस सहयोग को और बढ़ाया जाएगा। अहमदाबाद से एबेर्डीन तक दोनों देशों की पुरानी दोस्ती और नई साझेदारी खूब खिल रही है।

भरोसे के साथ बढ़ रहे भारत के साथ निवेश संबंध आर्मेनिया के अर्थव्यवस्था मंत्री वाहन केरोब्यान ने कहा कि भारत और आर्मेनिया के बीच भरोसे के साथ व्यापार और निवेश संबंध बढ़ रहे हैं। उन्होंने कहा कि द्विपक्षीय निवेश दोनों देशों के गहराते आर्थिक संबंधों का प्रमाण है।

समझौताें का पूरे देश को होगा लाभ
विदेश सचिव विनय क्वात्रा ने कहा, वाइब्रेंट गुजरात ग्लोबल समिट को प्रदेश-विशिष्ट परिप्रेक्ष्य से नहीं देखा जाना चाहिए। यहां हुए समझौतों का दायरा बहुत बड़ा है और इससे पूरे देश को फायदा होगा। ये समझौते विदेशी व्यापार की बाह्यताओं का विस्तार करने, विदेशी व्यापार में प्रशासनिक दक्षता लाने, भारत के भीतर लचीली आपूर्ति शृंखला लाने के लिए महत्वपूर्ण हैं।

भारत और संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) के बीच हुए ग्रिड कनेक्टिविटी समझौते पर क्वात्रा ने कहा कि यह सौदा मौजूदा वाइब्रेंट गुजरात ग्लोबल समिट में नई दिल्ली और अबू धाबी के बीच हुए कुल चार समझौतों का हिस्सा है। इसमें एक समझौता नवीकरणीय ऊर्जा पर है, जिसमें हरित हाइड्रोजन और सौर ऊर्जा भी शामिल है। क्वात्रा ने बताया कि इसके अलावा लॉजिस्टिक्स, स्वास्थ्य देखभाल नवाचार और फूड पार्क विकसित करने के भी समझौते हुए।

भारत से जुड़ने का मॉडल
भारत और यूएई के बीच व्यापक आर्थिक साझेदारी समझौता (सीईपीए) किसी भी देश के लिए भारत के साथ जुड़ने का मॉडल है। वाइब्रेंट गुजरात में दुनियाभर के कई गणमान्य व्यक्तियों की उपस्थिति उसके महत्व के साथ-साथ भारत के विकास में गुजरात की भूमिका को दर्शाता है। -वी मुरलीधरन, केंद्रीय विदेश राज्यमंत्री
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