क्रिसिल की रिपोर्ट के अनुसार, इस दौरान चिकन का भाव 55% से ज्यादा बढ़ गया है, क्योंकि चारों की कीमतों में तेजी आई है। मांसाहारी थाली की कीमतों को बढ़ाने में चिकन की प्रमुख भूमिका है।
कमोडिटी के दाम लगातार बढ़ने से अप्रैल-दिसंबर, 2022 में शाकाहारी थाली की कीमत 9 फीसदी बढ़ गई जबकि मांसाहारी थाली के भाव में 32% से अधिक का इजाफा हुआ है।
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क्रिसिल की रिपोर्ट के अनुसार, इस दौरान चिकन का भाव 55% से ज्यादा बढ़ गया है, क्योंकि चारों की कीमतों में तेजी आई है। मांसाहारी थाली की कीमतों को बढ़ाने में चिकन की प्रमुख भूमिका है। गेहूं के आटे का भाव 15% बढ़ गया है। सब्जियों की कीमतें इसी दौरान 6% बढ़ीं व एलपीजी का भाव 20% बढ़ गया। हालांकि, इस साल जनवरी से लेकर अब तक थाली की कीमतें स्थिर ही रही हैं। इस दौरान मांसाहारी थाली की कीमतें भी 2% घट गई हैं।
अप्रैल में घटे दाम
क्रिसिल के अनुसार, अप्रैल में खाद्य तेल और चिकन की कीमतों में सालाना आधार पर 16% और 2-4% तक की गिरावट आई है। गेहूं के आटे और एलपीजी के दाम इस दौरान 12% और 11%सालाना आधार पर बढ़ गए हैं। इससे आने वाले समय में थाली की कीमतों में कमी आने की संभावना कम है।