प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संसदीय निर्वाचन क्षेत्र वाराणसी से पश्चिम बंगाल के हल्दिया तक अगले साल से गंगा नदी के जरिए माल एवं यात्री परिवहन शुरू हो जाएगा। प्रधानमंत्री द्वारा इस परियोजना के बारे में हाल ही में की गई पूछताछ के बाद केन्द्रीय जहाजरानी मंत्रालय इस पर अब तेजी से काम शुरू कर दिया है।
इसके शुरू हो जाने से माल परिवहन में सड़क मार्ग के मुकाबले न सिर्फ कम समय लगेगा बल्कि परिवहन लागत में भी काफी कमी आएगी।
राष्ट्रीय जल मार्ग विकास योजना के तहत करीब 4,200 करोड़ रुपये की लागत से शुरू हुई राष्ट्रीय जलमार्ग संख्या 1 पर पिछले वर्ष ही काम शुरू हो गया था लेकिन अभी तक इस पर कोई खास प्रगति नहीं हुई है। प्रधानमंत्री ने पिछली वाराणसी यात्रा के दौरान इस परियोजना के बारे में जब जानकारी ली तो वह अधिकारियों के जवाब से संतुष्ट नहीं हुए। उसके बाद उन्होंने इस पर प्राथमिकता से काम करने का निर्देश दिया। इसके बाद केन्द्रीय स्तर पर सुगबुगाहट शुरू हो गई है। मंत्रालय का
आकलन है कि अभी सड़क मार्ग से माल ढुलाई पर प्रति किलो 1.5 रुपये का भाड़ा लगता है, रेल मार्ग से 1 रुपया और जल मार्ग से यह भाड़ा 25 पैसे पड़ेगा।
यही नहीं, इससे प्रदूषण भी नहीं होगा। मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने उम्मीद जताई कि अगले साल तक इस जल मार्ग पर पूरी क्षमता में तो नहीं, लेकिन
1,000 टन भार वहन क्षमता के जहाजों का वस्तु व यात्री परिवहन के लिए परिचालन शुरू हो जाएगा। इस परियोजना के तहत तीन मीटर की जरूरी गहराई
वाले जहाज के लिए रास्ता तैयार किया जाना है ताकि 2,000 टन की भार वहन क्षमता वाले पानी केजहाज चल सकें। उन्होंने बताया कि इस दिशा में अभी जो
प्रारंभिक काम हुए हैं, उसके बाद उम्मीद है कि अगले साल तक 1,000 टन की भार वहन क्षमता वाले जहाज चलने में दिक्कत नहीं होगी।
केन्द्रीय जहाजरानी मंत्री नितिन गडकरी ने पिछले दिनों अमर उजाला से बातचीत में बताया था कि जब वाराणसी-हल्दिया केबीच जल परिवहन शुरू होने पर हल्दिया से आयातित खाद्य तेल की ढुलाई सस्ती हो जाएगी। इस वजह से आयातित तेल 1.5 से 4 रुपये प्रति किलो ग्राम तक सस्ता हो जाएगा। इस मार्ग पर पड़ने वाले एनटीपीसी एवं अन्य कंपनियों के 13 बिजली घरों के लिए भी कोयले की भी ढुलाई होगी। यही नहीं, वाराणसी समेत पूर्वी उत्तर प्रदेश के लिए आयातित दालें भी हल्दिया बंदरगाह पर ही उतरती हैं और फिर सड़क मार्ग से वहां आती हैं। इसे भी जल मार्ग से ढोया जाएगा।