केंद्रीय मंत्रिमंडल ने आधार एवं अन्य कानून (संशोधन) विधेयक 2019 में लाए गए आधिकारिक बदलावों को मंजूरी दे दी है। यह फैसला बुधवार को लिया गया। कानून के इस संशोधन के तहत एक नया प्रावधान शामिल किया जा रहा है। इसके अनुसार आधार आंकड़ों का इस्तेमाल राज्य योजनाओं और सब्सिडी के लिए किया जा सकेगा।
सूचना एवं प्रसारण मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने बुधवार को संवाददाताओं को मंत्रिमंडल के फैसलों की जानकारी देते हुए कहा कि, 'राज्य इसकी मांग कर रहे थे। उच्चतम न्यायालय के आदेश के अनुसार ऐसे मामलों में आधार के इस्तेमाल की अनुमति है, जहां कोष सीधे केंद्र सरकार से आता है। इससे इसका इस्तेमाल किया जा सकता है। केंद्रीय योजनाओं के लिए जिस तरीके से केंद्रीय कोष से सब्सिडी लाभार्थी को स्थानांतरित की जाती है उसी तरह आधार के इस्तेमाल से राज्य सब्सिडी को भी स्थानांतरित किया जा सकेगा।'
संसद में इससे पहले इसी महीने आधार एवं अन्य कानून में संशोधनों को मंजूरी दी गई थी। यह संशोधन मोबाइल फोन का सिम कार्ड लेने या बैंक खाता खोलने के लिए 12 अंकों की इस विशिष्ट पहचान संख्या का इस्तेमाल स्वैच्छिक रूप से करने की अनुमति दिये जाने से संबंधित था। सरकार ने अब इसमें एक नया प्रावधान जोड़ने के लिए संशोधन का प्रस्ताव किया है जिसमें राज्यों को अपनी योजनाओं के क्रियान्वयन के लिए आधार के इस्तेमाल की अनुमति दिए जाने का प्रावधान है।