नौकरी छूटना, अचानक चिकित्सा खर्च या घर की मरम्मत जैसी आपात स्थितियां अप्रत्याशित रूप से घटित होती हैं। अगर आप इसके लिए तैयार नहीं हैं, तो यह आपको वित्तीय रूप से अस्थिर कर सकती हैं। यही वह समय है, जब आपातकालीन फंड आपकी बचत से पैसे निकाले बिना जरूरी खर्चों को पूरा करने में मददगार हो सकती है। इसलिए, आपातकालीन फंड बनाने के लिए दिवाली बोनस का इस्तेमाल करें। हर व्यक्ति को इतना आपात फंड जरूर रखना चाहिए कि उसकी 6-12 माह की आधारभूत जरूरतें पूरी हो जाएं।
एसआईपी योगदान बढ़ाने में करें इस्तेमाल
लंबी अवधि के वित्तीय लक्ष्यों को हासिल करने में म्यूचुअल फंड में निवेश कारगर साबित हो सकती है। एसआईपी निवेश को नियमित रूप से बढ़ाना आपके वित्तीय लक्ष्यों तक तेजी से पहुंचने की एक प्रभावी रणनीति है। इसलिए, अगर आपके पास कोई बकाया बिल या कर्ज नहीं है, तो अपने एसआईपी योगदान को बढ़ाने के लिए दिवाली बोनस का इस्तेमाल करना वित्तीय रूप से समझदारी होगी।
अपनी स्वास्थ्य बीमा पॉलिसी को बेहतर बनाएं
चिकित्सा से जुड़ी महंगाई में बढ़ोतरी के साथ स्वास्थ्य सेवाओं की लागत हर साल तेजी से बढ़ रही है। यही कारण है कि पर्याप्त स्वास्थ्य बीमा कवरेज होना अब एक आवश्यकता बन गई है।
- अगर अब तक आपने स्वास्थ्य बीमा नहीं कराया है, तो अपने दिवाली बोनस का इस्तेमाल अपने और परिवार के लिए एक व्यापक स्वास्थ्य बीमा योजना खरीदने के लिए करें।
- जरूरतों के आधार पर गंभीर बीमारी या मातृत्व लाभ जैसे राइडर्स जोड़कर कवरेज बढ़ाने के लिए भी बोनस का उपयोग कर सकते हैं।
कर्ज चुकाने में काम आ सकता है बोनस
अगर अपना कर्ज कम करना चाहते हैं, तो अपने कुल ऋण का पांच फीसदी भी पुनर्भुगतान करना भी वित्तीय लक्ष्य हासिल करने की दिशा में एक कारगर रणनीति है। इसमें आपको मिला दिवाली बोनस काम आ सकता है। वैकल्पिक रूप से आप बोनस का उपयोग अपनी मासिक किस्त (ईएमआई) भुगतान को बढ़ाने या अपने कर्ज की अवधि कम करने के लिए अतिरिक्त ईएमआई भरने में भी कर सकते हैं।
- अगर आपे कर्ज की ब्याज दर बहुत अधिक है, तो अपने फाइनेंस का मूल्यांकन करें और पूरा कर्ज चुकाने पर विचार करें।
दिवाली बोनस का उपयोग लंबी अवधि के निवेश के लिए कर सकते हैं। इक्विटी को लंबी अवधि में महंगाई से आगे निकलने के लिए पसंद किया जाता है। इसलिए, इक्विटी म्यूचुअल फंड दीर्घकालिक लक्ष्यों को पूरा करने का मजबूत विकल्प है। -आदिल शेट्टी, सीईओ, बैंक बाजार