हमें छोटी-मोटी खरीदारी के लिए मोल-भाव की आदत तो है, लेकिन जरूरी चीजों पर ध्यान नहीं देते हैं। अच्छा निवेशक बनने के लिए बहुत अधिक पैसे, गुप्त ज्ञान और शेयर चुनने की असाधारण प्रतिभा की जरूरत नहीं होती है। कुछ बुनियादी शर्तें हैं जिनका पालन कर कोई भी अच्छा निवेशक बन सकता है।
भारतीयों में एक खास व्यावहारिक विशेषता है, हम छोटी-छोटी चीजों पर मोल-भाव करना पसंद करते हैं, लेकिन उन चीजों पर नहीं, जहां यह ज्यादा मायने रखता है। मुझे यकीन है कि आपने भी सब्जी खरीदते समय विक्रेता से या रिक्शा वाले से या कपड़ा आदि खरीदते समय दुकानदार से मोल-भाव किया होगा। कोई थोड़े भी पैसे कम कर देता है तो गर्व महसूस होता है। लेकिन, क्या आपने कभी कार लोन पर ब्याज दर या हवाई जहाज के किराये या बच्चों की ऊंची स्कूल फी के लिए मोल-भाव की कोशिश की है?
कुछ लोग बस इतना ही समझदार होते हैं, जो जरूरी चीजों के लिए मोल-भाव करना जानते हैं। कुछ लोग निवेश में बहुत अच्छे होते हैं। अब, यह मत सोचिए कि अच्छे निवेश की पहचान के लिए फाइनेंस के बारे में जानना जरूरी है। कुछ टाइम-टेस्टेड तरीकों और तकनीकों की मदद से कोई भी व्यक्ति निवेश में अच्छा बन सकता है। निवेश कला व विज्ञान दोनों है। यह जोखिम व रिवॉर्ड, विश्लेषण व अंतर्ज्ञान के बीच एक नाजुक संतुलन है।
समझें कहां और क्यों कर रहे निवेश
कई साल पहले मैं एक ऐसी कंपनी में निवेश करने के लिए भाग्यशाली था, जो अब अस्तित्व में नहीं है। कंपनी में घोटाले के बाद हर कोई उसका शेयर बेच रहा था। मैं सत्यम कंप्यूटर्स की बात कर रहा हूं, जिसे टेक महिंद्रा ने खरीद लिया था और आज यह अपने नए रूप में है। आज यह एक बेहतरीन निवेश है। अपने उद्देश्यों के लिए एक अच्छा निवेशक वह है, जो समझता है कि कहां और क्यों निवेश कर रहा है। वे निवेश योजना के तहत वर्षों तक अपने पोर्टफोलियो में लगातार योगदान करते हैं। आखिरकार, इसमें ही निवेश का मूल मंत्र है। निवेश समय के साथ बेहतर रिटर्न देने के लक्ष्य के साथ संसाधनों को आवंटित करने के बारे में है।
निवेशक जैसी मानसिकता बनाएं
अच्छे निवेशक की वास्तविक परिभाषा एक मानसिकता है, जिसे समय के साथ अभ्यास से विकसित कर सकते हैं।
सबसे पहले, निवेशक की मानसिकता के लिए आपके पास लंबी अवधि का दृष्टिकोण होना चाहिए। एक अच्छा निवेशक बड़ी तस्वीर पर ध्यान देता है और अल्पकालिक शोर में फंसने से बचता है। वह समझता है कि बाजार में उतार-चढ़ाव अस्थायी है और निवेश का सही मूल्य समय के साथ ही सामने आएगा। यह टेस्ट मैच की तरह है, जिसमें आप बहुत कम स्कोर पर आउट होने के बाद भी उसे जीतने के लिए दूसरी पारी में वापस आ सकते हैं।
दूसरा, आपको भावनात्मक बुद्धिमत्ता की जरूरत है। भावनाएं निवेश संबंधी फैसलों के लिए हानिकारक हो सकती हैं। अच्छे निवेशक अपने भावनात्मक पूर्वाग्रहों के बारे जानते हैं और निवेश करते समय उन्हें अलग रखने का प्रयास करते हैं। यह उन्हें बाजार में उथल-पुथल के बावजूद तर्कसंगत निर्णय लेने में सक्षम बनाता है। वे गिरावट पर ध्यान न देकर अपने निवेश पर नजर रखते हैं। वे अपने निवेश फैसले के बारे में आश्वस्त होते हैं और जब तक बड़ा बदलाव न हो, उस पर बने रहते हैं।
गलतियों से सीखें, विशेषज्ञों से लें सलाह
सफल निवेशक मानते हैं कि उनके पास सभी उत्तर नहीं हैं। वे गलतियों से सीखने, सलाह लेने और जरूरत के अनुसार रणनीति बनाने के लिए तैयार रहते हैं। आखिरी गुण जो किसी को अच्छा निवेशक बनाता है, वह है लचीलापन। निवेश परिदृश्य लगातार बदलता है और अच्छे निवेशक उसके अनुकूल व्यवहार करते हैं।
असाधारण प्रतिभा की जरूरत नहीं
बहुत से लोग सोचते हैं कि एक अच्छा निवेशक बनने के लिए शेयर बाजार के बारे में गुप्त ज्ञान या शेयर चुनने की असाधारण प्रतिभा की जरूरत होती है। पर, वास्तव में ऐसा नहीं है। कोई भी व्यक्ति बताए गए चरणों का पालन कर अच्छा निवेशक बन सकता है। अंत में, अच्छा निवेशक बनने के लिए बहुत सारा पैसा होना जरूरी नहीं है। अच्छे निवेशक एक ऐसी निवेश रणनीति बनाते हैं, जो उनके लिए कारगर हो और वे उस पर टिके रहने की पूरी कोशिश करते हैं। यह तीन बुनियादी बातों पर निर्भर करता है...जल्दी निवेश करें, कमाई को फिर से निवेश करें और पोर्टफोलियो में विविधता लाएं। इन सुझावों के पालन से अच्छा निवेशक बनने की संभावनाएं ज्यादा होती हैं।