पीएम मोदी अमेरिका के दौरे पर हैं और उनके दौरे के बीच ही अमेरिका ने भारतीयों को तोहफा देने की तैयारी कर ली है। दरअसल अमेरिका की सरकार, भारतीयों को अमेरिका में रहने और वहां काम करने की प्रक्रिया को आसान बनाने की तैयारी कर रही है। दरअसल अमेरिका का विदेश विभाग गुरुवार को ये एलान कर सकता है कि कुछ भारतीय और अन्य देशों के कामगार, जो एच-1बी वीजा धारक हैं, वह अपने वीजा को अमेरिका में रहकर ही रिन्यू करा सकते हैं। अभी तक एच-1बी वीजाधारकों को अपने देश लौटना होता था और उसके बाद ही एच-1बी वीजा रिन्यू हो पाता था।
भारतीयों को होगा सबसे ज्यादा फायदा
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, अमेरिका अभी पायलट प्रोजेक्ट के तहत एच-1बी वीजाधारकों को यह सुविधा दी जाएगी और आने वाले सालों में इस सेवा में विस्तार किया जा सकता है। इस योजना से सबसे ज्यादा भारतीयों को फायदा होगा क्योंकि एच-1बी वीजा लेकर अमेरिका में काम करने वाले लोगों में सबसे ज्यादा तादाद भारतीयों की ही है। बता दें कि वित्तीय वर्ष 2022 में अमेरिका सरकार द्वारा जारी किए गए कुल एच-1बी वीजा में से 73 प्रतिशत करीब 4,42,000 वीजा भारतीयों को ही जारी किए गए थे। हालांकि अमेरिकी विदेश विभाग इस प्रोजेक्ट में बदलाव भी कर सकता है। व्हाइट हाउस ने भी इसे लेकर कोई टिप्पणी करने से इनकार कर दिया है।
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क्या है एच-1बी वीजा
बता दें कि अमेरिका की सरकार हर साल विभिन्न कंपनियों को 65 हजार एच-1बी वीजा उपलब्ध कराती है। जिनकी मदद से कंपनियां विदेशों से स्किल्ड कामगारों को नौकरी दे सकती हैं। इनके अतिरिक्त एडवांस डिग्रीधारकों के लिए अमेरिकी सरकार द्वारा 20 हजार अतिरिक्त वीजा कंपनियों को दिए जाते हैं। यह वीजा 3 साल के लिए मान्य होता है और इसे अगले तीन सालों के लिए रिन्यू कराया जा सकता है। एच-1बी वीजा का इस्तेमाल करने वाली कंपनियों में इंफोसिस, टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज, अमेजन, अल्फाबेट और मेटा जैसी बड़ी-बड़ी कंपनियां शामिल हैं।