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Tariffs: व्यापार समझौते पर अगले दौर की बातचीत के लिए अमेरिकी टीम 25 अगस्त को आएगी भारत, होगी छठे दौर की वार्ता

Tue, 29 Jul 2025 07:08 PM IST
कुमार विवेक बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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भारत और अमेरिका के बीच प्रस्तावित द्विपक्षीय व्यापार समझौते के लिए अगले दौर की वार्ता के लिए अमेरिकी टीम 25 अगस्त को भारत का दौरा करेगी। सरकार से जुड़े एक अधिकारी ने मंगलवार को इसकी जानकारी दी। सरकार से जुड़े सूत्रों के अनुसार, टीम अगले महीने के अंत में आ रही है, लेकिन दोनों पक्ष 1 अगस्त से पहले अंतरिम व्यापार समझौते के लिए मतभेदों को दूर करने में लगे हुए हैं। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प की ओर से भारत (26 प्रतिशत) सहित दर्जनों देशों पर लगाए गए टैरिफ के निलंबन की अवधि अगस्त महीने की पहली तारीख को खत्म हो रही है। अधिकारी ने कहा, "अमेरिकी टीम छठे दौर की वार्ता के लिए यहां आ रही है।"

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अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि जैमीसन ग्रीर ने कहा है कि व्यापार समझौते पर भारत के साथ और बातचीत की जरूरत होगी। हालांकि, अधिकारी आखिरी समय में किसी नतीजे पर पहुंचने की संभावना से इनकार नहीं कर रहे हैं। ग्रीर ने सोमवार को सीएनबीसी को बताया, "हम अपने भारतीय समकक्षों के साथ बातचीत जारी रखे हुए हैं, हमने हमेशा उनके साथ बहुत रचनात्मक चर्चा की है।" भारत और अमेरिकी टीमों ने पिछले सप्ताह वाशिंगटन में समझौते के लिए पांचवें दौर की वार्ता पूरी की।

भारत के मुख्य वार्ताकार और वाणिज्य विभाग में विशेष सचिव राजेश अग्रवाल और दक्षिण व मध्य एशिया के लिए सहायक अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि ब्रेंडन लिंच ने विचार-विमर्श किया। यह बातचीत महत्वपूर्ण हैं क्योंकि दोनों पक्ष 1 अगस्त से पहले अंतरिम व्यापार समझौते को अंतिम रूप देने की कोशिश कर रहे हैं। 
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इस साल 2 अप्रैल को, ट्रंप ने उच्च पारस्परिक शुल्कों की घोषणा की। उच्च शुल्कों के कार्यान्वयन को तुरंत 90 दिनों के लिए 9 जुलाई तक और फिर 1 अगस्त तक के लिए स्थगित कर दिया गया, क्योंकि अमेरिका विभिन्न देशों के साथ व्यापार समझौतों पर बातचीत कर रहा है।

कृषि और डेयरी उत्पादों पर शुल्क में रियायत की अमेरिकी मांग पर भारत ने अपना रुख कड़ा कर लिया है। डेयरी क्षेत्र में मुक्त व्यापार समझौते में भारत ने अब तक अपने किसी भी व्यापारिक साझेदार को कोई शुल्क रियायत नहीं दी है।

कुछ किसान संगठनों ने सरकार से आग्रह किया है कि व्यापार समझौते में कृषि से संबंधित किसी भी मुद्दे को शामिल न किया जाए। भारत इस अतिरिक्त शुल्क (26 प्रतिशत) को हटाने की मांग कर रहा है। वह स्टील और एल्युमीनियम (50 प्रतिशत) और ऑटो क्षेत्र (25 प्रतिशत) पर शुल्क में ढील की भी मांग कर रहा है। ये मुद्दे व्यापार समझौते की वार्ता का एक महत्वपूर्ण हिस्सा हैं। इनके विरुद्ध भारत ने विश्व व्यापार संगठन (WTO) के मानदंडों के तहत प्रतिशोधात्मक शुल्क लगाने का अपना अधिकार सुरक्षित रखा है।

प्रस्तावित व्यापार समझौते में देश श्रम-प्रधान क्षेत्रों जैसे वस्त्र, रत्न एवं आभूषण, चमड़े के सामान, परिधान, प्लास्टिक, रसायन, झींगा, तिलहन, अंगूर और केले के लिए शुल्क रियायत की भी मांग कर रहा है। दूसरी ओर, अमेरिका कुछ औद्योगिक वस्तुओं, ऑटोमोबाइल, विशेषकर इलेक्ट्रिक वाहनों, वाइन, पेट्रोकेमिकल उत्पादों, कृषि वस्तुओं, डेयरी वस्तुओं, सेब, ट्री नट्स और आनुवंशिक रूप से संशोधित फसलों पर शुल्क रियायत चाहता है।

दोनों देश प्रस्तावित द्विपक्षीय व्यापार समझौते (बीटीए) के पहले चरण के लिए बातचीत इस साल सितंबर-अक्तूबर तक पूरी करना चाहते हैं। उससे पहले, वे एक अंतरिम व्यापार समझौते पर भी विचार कर रहे हैं। इस वित्त वर्ष की अप्रैल-जून तिमाही में अमेरिका को भारत का वस्तु निर्यात 22.8 प्रतिशत बढ़कर 25.51 अरब डॉलर हो गया, जबकि आयात 11.68 प्रतिशत बढ़कर 12.86 अरब डॉलर हो गया।
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