फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Crisil: अमेरिकी टैरिफ से भारतीय चमड़ा उद्योग को लग सकता है झटका, राजस्व में 10 से 12% की गिरावट का अनुमान

Thu, 23 Oct 2025 03:16 PM IST
रिया दुबे बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

क्रिसिल रेटिंग्स की एक रिपोर्ट के अनुसार अमेरिकी टैरिफ से भारतीय चमड़ा उद्योग और संबद्ध उत्पाद कंपनियों के राजस्व में 10 से 12 प्रतिशत की गिरावट आएगी। रिपोर्ट में कहा गया है कि निर्यात पर महत्वपूर्ण ध्यान दिए जाने के कारण जीएसटी के युक्तिकरण के बाद घरेलू मांग में मामूली सुधार के बावजूद कंपनियों की बिक्री में गिरावट देखी जाएगी।
विज्ञापन
चमड़ा उद्योग पर टैरिफ का असर - फोटो : Adobestock
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

अमेरिकी टैरिफ से इस वित्त वर्ष में भारतीय चमड़ा उद्योग के राजस्व में कमी आने की संभावना है। क्रिसिल रेटिंग्स की एक रिपोर्ट के अनुसार भारतीय चमड़ा उद्योग और संबद्ध उत्पाद कंपनियों के राजस्व में 10 से 12 प्रतिशत की गिरावट आएगी। इस क्षेत्र के लिए अमेरिका एक प्रमुख बाजार है। 

विज्ञापन


ये भी पढ़ें: GDP: वित्त वर्ष 2026 में भारत की जीडीपी 6.7-6.9 प्रतिशत बढ़ेगी, डेलॉइट इंडिया ने जताया अनुमान

इन कारणों से गिरावट आने की संभावना 

रिपोर्ट में कहा गया है कि निर्यात पर महत्वपूर्ण ध्यान दिए जाने के कारण जीएसटी के युक्तिकरण के बाद घरेलू मांग में मामूली सुधार के बावजूद कंपनियों की बिक्री में गिरावट देखी जाएगी। इसके अलावा अन्य कारक जैस कम आयकर, नरम मुद्रास्फीति और कम ब्याज दरें भी है। इसमें कहा गया है कि अमेरिका की ओर से लगाया गया 50 प्रतिशत टैरिफ निर्यात की मात्रा में कमी लाएगा। 

उद्योग ने वित्त वर्ष 2025 में 56 हजार करोड़ का राजस्व कमाया 

रिपोर्ट के अनुसार इस उद्योग ने वित्त वर्ष 2025 में लगभग 56,000 करोड़ रुपये का राजस्व अर्जित किया है और निर्यात से राजस्व में लगभग 70 प्रतिशत की हिस्सेदारी थी। बता दें कि निर्यात का बड़ा हिस्सा यूरोपीय संघ (50 प्रतिशत से अधिक) और अमेरिका (लगभग 22 प्रतिशत)  को था। 

दूसरे निर्यातक देशों की तुलना में भारत को अधिक नुकसान 

अगस्त के पहले सप्ताह में 25 प्रतिशत पारस्परिक टैरिफ लागू होने से अमेरिकी निर्यात मांग में मंदी के संकेत पहले से ही दिखाई देने लगे थे। 27 अगस्त से प्रभावी अतिरिक्त 25 प्रतिशत दंडात्मक टैरिफ ने भारत को कंबोडिया, इटली, वियतनाम और फ्रांस जैसे अन्य प्रमुख निर्यातक देशों की तुलना में और अधिक नुकसान में डाल दिया है, जहां अमेरिकी टैरिफ 15-20 प्रतिशत कम है।

निर्यात मात्रा में 13 से 14 प्रतिशत की गिरावट आने की उम्मीद 

क्रिसिल रेटिंग्स की निदेशक जयश्री नंदकुमार ने कहा कि अमेरिका से ऑर्डरों में कमी के कारण इस वित्त वर्ष में निर्यात मात्रा में 13-14 प्रतिशत की गिरावट आने की उम्मीद है। नंदकुमार ने कहा कि राजस्व पर अधिक असर पड़ेगा, क्योंकि अमेरिका को निर्यात का बड़ा हिस्सा तैयार चमड़े के उत्पादों जैसे जूते और चमड़े के सामान का है, जिससे अधिक राजस्व प्राप्त होता है।

विज्ञापन


विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें