फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

US tarrif: अमेरिकी टैरिफ से भारतीय रत्न-आभूषण उद्योग पर संकट, एक लाख श्रमिकों की नौकरी को खतरा

Thu, 31 Jul 2025 02:32 PM IST
रिया दुबे बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

आभूषण निर्मातओं और निर्याकतों ने चिंता जाहिर की कि अमेरिकी टैरिफ लगने से देश के रत्न और आभूषण उद्योग पर गंभीर असर पड़ सकता है। इससे एक लाख से अधिक श्रमिकों पर बेरोजगारी का खतरा मंडरा रहा है। बुधवार को अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने भारत पर 25 प्रतिशत टैरिफ लगाने का फैसला किया।
विज्ञापन
सांकेतिक तस्वीर - फोटो : ANI
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

भारतीय आयात पर 25 प्रतिशत अमेरिकी टैरिफ लगने से देश के रत्न और आभूषण उद्योग पर गंभीर असर पड़ने की संभावना है। आभूषण निर्मातओं और निर्याकतों ने इसे लेकर चिंता जाहिर की है।

विज्ञापन


ये भी पढ़ें: Gold Demand: 2025 की दूसरी तिमाही में सोने की मांग 3% बढ़ी, आभूषणों की मांग में गिरावट; WGC ने बताया कारण

हाथ के बने आभूषणों पर पड़ेगा बड़ा असर
अखिल भारतीय रत्न एवं आभूषण घरेलू परिषद के अध्यक्ष राजेश रोकड़े ने कहा कि हाथ से बने आभूषणों के निर्यात पर बुरा असर पड़ सकता है। इन उत्पादों को वहां अब शायद स्वीकार नहीं किया जाएगा या बेचा नहीं जा सकेगा।
विज्ञापन


एक लाख श्रमिकों पर बेरोजगारी का खतरा
उन्होंने बताया कि पहले जब 10 प्रतिशत टैरिफ लगा था, तो करीब 50 हजार श्रमिकों के बेरोजगार होने की संभावना थी। अगर नए टैरिफ में भी यही स्थिति रही, तो इस बार एक लाख से ज्यादा श्रमिकों प्रभावित हो सकते हैं। यह बहुत दुखद है कि टैरिफ को 10 प्रतिशत से बढ़ाकर 25 प्रतिशत कर दिया गया है, जो 1 अगस्त से लागू होगा। हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि इसका असर भारत से ज्यादा अमेरिका पर पड़ेगा। रोकड़े ने आगे कहा कि भारत के आभूषण दुनिया भर में निर्यात किए जाते हैं। ऐसे मामलों में, भारत को पहले यूरोपीय संघ और पश्चिम एशिया जैसे वैकल्पिक बाजार मिल गए थे। 

वित्त वर्ष25 में भारत ने यूएस को 9.9 अरब डॉलर के आभूषण निर्यात किए
वाणिज्य मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार, संयुक्त राज्य अमेरिका भारतीय रत्न और आभूषणों के सबसे बड़े बाजारों में से एक है। वित्त वर्ष 2025 में भारत ने अमेरिका को 9.9 अरब डॉलर मूल्य के आभूषणों का निर्यात किया।

अमेरिका प्रमुख निर्यात गंतव्यों में से एक
कामा ज्वेलरी के प्रबंध निदेशक कोलिन शाह ने भी इस फैसले पर चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि अमेरिका प्रमुख निर्यात गंतव्यों में से एक है, इससे रत्न एवं आभूषण जैसे क्षेत्रों पर गंभीर प्रभाव पड़ेगा, जो निर्यात पर काफी हद तक निर्भर हैं।
विज्ञापन


अमेरिका के साथ व्यापारिक गतिविधियां धीमी रहने की उम्मीद
शाह ने कहा कि उद्योग पहले से ही रूस-यूक्रेन और पश्चिम एशिया के बीच दो वर्षों से चल रहे भू-राजनीतिक तनाव के कारण संघर्ष कर रहा है। ट्रंप के सत्ता में लौटने के साथ ही, उनकी टैरिफ धमकियों ने भारतीय बाजारों में अनिश्चितता पैदा कर दी है। आगे चलकर, हमें उम्मीद है कि अमेरिका के साथ व्यापारिक गतिविधियां धीमी ही रहेंगी।

विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें